विद्युत विभाग को लेकर किसानों में नाराजगी
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बालोद जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम देवकोट के किसान इन दिनों विद्युत विभाग और उसके ठेकेदार को लेकर काफी आक्रोशित हैं किसानों ने ठेकेदार पर जबरदस्ती का आरोप लगाया और कहा कि हमारे खेतों में जब हम फसल बो चुके हैं तब 220 किलो वाट का विद्युत लाइन बिछाया जा रहा है। पहले से जमीन का मुआवजा नहीं मिला है और अब फिर से फसलों को रौंदने की तैयारी की जा रही है जब हमने इसका विरोध किया तो यहां पर जेसीबी से घर तोड़ने और घर का बिजली काटने का धमकी दे रहे हैं।वहीं सहायक कार्यपालन अभियंता ने कहा कि शासन के नियमों के हिसाब से काम किया जा रहा है और यहां पर मुआवजे के लिए एसडीएम कार्यालय से आदेश हो चुका है पूरी प्रक्रिया होने के बाद भुगतान कर दिया जाएगा उन्होंने धमकी के बात से इनकार किया है किसानों के खेतों से कांटे गए पेड़ों का भी मुआवजा विद्युत विभाग ने नहीं दिया है।
आपको बता दें कि कुरूद से लेकर बालोद जिले तक 220 किलोवाट का विद्युत तार बिछाया जा रहा है जिसमें किसानों के खेतों में टावर लगाने के साथ-साथ तार भी खींचा जा रहा है किसानों ने बताया कि पहले उन्हें धन की फसल लेने से मना किया गया तो वह अब दलहन तिलहन और चने की फसल ले रहे हैं और चने की फसल जब हमारी लगी हुई है तो विद्युत विभाग और ठेकेदार के लोग यहां पर तार बिछाने आ रहे हैं और हमारी फसलों को रोंडाने की बात कह रहे हैं जब हम किसानों ने मना किया तो मुआवजे की बात में करने लगे परंतु पिछला मुआवजा अब तक मिला नहीं है तो हम आने वाले समय में मुआवजे को लेकर किस तरह हामी भर सकते हैं पूर्व सरपंच कमलेश साहू ने बताया कि जब हमारे खेत खाली थे तब उनके द्वारा आकर काम किया जाना था या फिर दो महीने रुकने के बाद इन्हें काम करना चाहिए ऐसी बात हम विद्युत विभाग से कह रहे हैं।
पहले पैसे रखें फिर करें बात
आसपास के किसान एकत्र हो गए थे उनकी विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश देखने को मिली किसानों ने आरोप लगाया कि पहले पैसे दे फिर हमारी फसलों में गाड़ियों को लेकर आए कृषक चंद्रहास सिन्हा ने बताया कि जब हमने मना किया तो हमें हमारे घर तोड़ने विद्युत कनेक्शन काटने की धमकी दी गई यह काम कर रहे हैं या फिर हमारे ऊपर दबाव डाल रहे हैं हम अपनी फसल बर्बाद होने का बाद मुआवजे के लिए कहां-कहां दौड़ते फिरेंगे इस दौरान किसानों में काफी आक्रोश देखने को मिला।
क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रक्रियाधीन
सहायक अभियंता हेमंत बारंगे ने बताया कि शासन के नियम से जो क्षतिपूर्ति टावर और तार का मिलना है वह प्रक्रिया दिन है अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के माध्यम से आदेश मिल चुका है उसके बाद सभी किसानों को पैसा वितरण करना शुरू कर दिया जाएगा वहीं उन्होंने कृषकों को धमकाने के बाद को लेकर इनकार किया है इस बात को लेकर अधिकारियों और किसानों के बीच खेतों में ही तू तू मैं मैं देखने को मिली वहीं उन्होंने फसल छाती पूर्ति जो अभी किस मना कर रहे हैं उसके लिए कहा जा रहा है कि पहले यहां पर काम हो जाए उसके बाद नुकसान का आकलन लगाकर फसल क्षतिपूर्ति दे दिया जाएगा।