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Korea: बुआ-फूफा ही निकले भतीजे के कातिल, अंधविश्वास के चक्कर में ली युवक की जान, भेजे गए जेल

Mon, 27 May 2024 06:06 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया (छत्तीसगढ़)

सार

आरोपियों ने बताया कि इसके बाद दोनो, मृतक को गमछा की सहायता से घसीटकर शव को कुआँ में फेकना चाह रहे थे, किन्तु शव को लेकर जब कुआँ के पास पहुँचे ही थे, तब किसी की आहट सुनकर लाश को वही छोड़कर घर के अन्दर चल दिए। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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19 अप्रैल की सुबह 8 बजे थाना पटना में मृतक के भाई से सूचना प्राप्त हुई कि सानू पनिका उर्फ़ धनेश्वर पिता रामचंद्र उम्र 21 वर्ष निवासी खोड, पंडोपारा थाना पटना जिला कोरिया अपनी बुआ के घर के बाहर कुआँ के पास मरा पड़ा हुआ है। जहां थाना पटना एवं साइबर सेल की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर शव पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम में डॉक्टर द्वारा हत्या किया जाना लेख किए जाने पर उक्त घटना की जानकारी से तत्काल पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार को अवगत कराया गया। 

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एसपी कोरिया द्वारा केस को प्राथमिकता पर लेकर आवश्यक कार्यवाही कर आरोपी के पड़ताल एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक कोरिया के निर्देशन पर विशेष टीम गठित होकर थाना पटना में अप. कमांक 113/2024 धारा 302, 201 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की पतासाजी निरंतर की जा रही थी।
 

पतासाजी के दौरान कोरिया पुलिस, मृतक के परिवार के सभी सदस्यों से बारी-बारी से पूछताछ कर रही थी एवं सायबर सेल की टीम निरंतर टेक्नोलॉजीकल इनपुट के विश्लेषण के माध्यम से जाँच में जुटी हुई थी। एक सप्ताह की अथक मेहनत के बाद केस का खुलासा हो पाया। प्रारम्भ में मृतक की बुआ अमरावती देवी एवं फूफा बजरंग पनिका द्वारा पुलिस को काफी उलझाने का प्रयास किया गया, जिस पर पुलिस को शंका हुई एवं पुलिस द्वारा बार-बार घटनाक्रम की जानकारी लेने के उपरांत दोनों आरोपी अपनी ही बनायी गयी झूठी कहानी मे उलझ कर पुलिस द्वारा चतुराई से पूछे गये प्रश्नों से आरोपीगण घटना की वास्तविकता बताने को विवश हो गए।

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पूछताछ में पता चला कि मृतक सानू पनिका उर्फ़ धनेश्वर चैत्र नवरात्रि के दौरान अपने रिश्ते की बुआ अमरावती के घर पर ही रात्रि विश्राम करता था। अमरावती एवं बजरंग नवरात्रि जवारा पूजा पाठ का 12 वर्ष पूर्ण कर चुके थे एवं अमरावती अपने अंधविश्वास के चक्कर में कि पूजा पाठ पूर्ण नहीं हुआ है, जादू टोना करके अपने ही मुँहबोले भतीजे का बाल काटकर आहुति देना चाह रही थी।

रात्रि को जब सानू छत पर सो रहा था उसी दौरान आरोपी अमरावती के द्वारा सानू का बाल काटने पर उसने इसका विरोध किया। जिस पर अमरावती का पति आरोपी बजरंग गमछा से सानू का गला दबाने लगा एवं अमरावती द्वारा पास में पड़े सब्बल से पीछे की तरफ वार कर दी, जिससे सानू की मृत्यु हो गई।

आरोपियों ने बताया कि इसके बाद दोनो, मृतक को गमछा की सहायता से घसीटकर शव को कुआँ में फेकना चाह रहे थे, किन्तु शव को लेकर जब कुआँ के पास पहुँचे ही थे, तब किसी की आहट सुनकर लाश को वही छोड़कर घर के अन्दर चल दिए। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

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