फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छत्तीसगढ़ में भी संकट: दिल्ली पहुंचे कई कांग्रेस विधायक, सीएम बघेल बोले- पुनिया हैं ही नहीं तो किससे मिलेंगे

Thu, 30 Sep 2021 03:19 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों के बीच राज्य के करीब 12 विधायक बुधवार को दिल्ली पहुंच गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में एक बार फिर तनाव बढ़ने के आसार दिखने लगे हैं। पढ़िए ये रिपोर्ट... 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल) - फोटो : twitter.com/bhupeshbaghel
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में सरकार के संकट से जूझ रही कांग्रेस के लिए छत्तीसगढ़ में भी हालात गंभीर होते दिख रहे हैं। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों के बीच बुधवार को पार्टी के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 12 करीबी विधायक दिल्ली पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार इन विधायकों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक की मांग की है। 

विज्ञापन


सीएम भूपेश बघेल ने दी प्रतिक्रिया
वहीं इस मामले पर सीएम भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विधायक कहीं जा भी नहीं सकते क्या? अगर कोई वहां गया है तो उसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। पीएल पुनिया दिल्ली में नहीं हैं, वहां उनसे कोई कैसे मिल सकता है? हां यदि कोई राजनेता जा रहा है, तो यह स्पष्ट है कि वह केवल राजनीतिक व्यक्तियों से ही मिलेगा।

सीएम बदलने का सवाल ही नहीं: बृहस्पति सिंह
बृहस्पति सिंह ने इसे लेकर कहा कि हमारे सात-आठ विधायक दिल्ली आए हैं। कुल 15-16 विधायक आएंगे। हम छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पूनिया से मुलाकात करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी का राज्य के बस्तर क्षेत्र की यात्रा करने का कार्यक्रम है और हम यह चाहते हैं कि वह हमारे जिलों का भी दौरा करें। 
विज्ञापन


'राज्य में नहीं है पंजाब जैसी स्थिति, सब एक हैं'
बृहस्पति सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री बदलने का सवाल ही नहीं है। पार्टी हाई कमान, सभी विधायक और छत्तीसगढ़ की जनता भूपेश बघेल के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। केवल एक व्यक्ति को खुश करने के लिए सरकार खतरे में नहीं डाली जा सकती। उन्होंने कहा कि यहां पंजाब जैसी स्थिति नहीं है। सभी विधायक और मंत्री एकजुट हैं।

प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर है ये अफवाह
इस अफवाह के अनुसार दिसंबर 2018 में जब भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था, तब ढाई-ढाई साल के लिए दो मुख्यमंत्रियों के फॉर्मूला पर सहमति जताई गई थी। ढाई साल का पहला हिस्सा भूपेश बघेल और दूसरा हिस्सा राज्य सरकार में वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री पद पर रहना था।

देखते हैं बदलाव हो सकता है या नहीं: सिंहदेव
दिल्ली में ये विधायक एक निजी होटल में रुके हुए हैं और माना जा रहा है कि वह प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पूनिया के साथ भी बैठक करेंगे। वहीं, टीएस सिंहदेव ने इसे लेकर कहा कि बदलाव की बात है तो ये हो भी सकता है या नहीं, यह देखना होगा। लेकिन अब बात खुल गई है, शायद इसी को लेकर विधायक दिल्ली गए हों।

भाजपा ने इसे बताया बघेल का 'सियासी ड्रामा'
वहीं, भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को सियासी ड्रामा करार दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि विधायकों का यह दौरा कहीं मुख्यमंत्री बघेल का एक और शक्ति प्रदर्शन तो नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता और सीएम की कुर्सी बचाने के लिए तो कहीं मुख्यमंत्री को अपने  विधायक दिल्ली भेजने नहीं पड़े हैं?

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें