एसईसीएल बिलासपुर में रविवार को वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा व अंतरक्षेत्रीय प्राथमिक उपचार प्रतियोगिता 2022 का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभात कुमार खान सुरक्षा महानिदेशक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा ने की। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि व समस्त अतिथियों द्वारा एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया गया।
कार्यक्रम में एसईसीएल के सभी संचालन क्षेत्रों एवं एनटीपीसी द्वारा स्टॉल लगाए गए, जिसमें सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के स्टॉल में लगाए गए कोल इंडिया के प्रोजेक्ट डिजिकोल सेफ्टी, विंड एनर्जी और गेवरा क्षेत्र के स्टाल में लगाए गए सेफ्टी राडार मॉडल को मुख्य अतिथि द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।
समारोह में डीएवी स्कूल के बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गयी। खान सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान एसईसीएल एवं निजी क्षेत्रों की खदानों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में विजयी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि सहित समस्त मंचस्थ अतिथियों द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। चिकित्सा श्रेणी में बुढ़ार सेंट्रल हॉस्पिटल को प्रथम पुरस्कार, रीज़नल हॉस्पिटल श्रेणी में बिश्रामपुर चिकित्सालय को और डिस्पेंसरी श्रेणी में मुख्यालय के इन्दिरा विहार हेल्थ सेंटर को प्रथम पुरस्कार दिया गया। वहीं, सेफ्टी पुरस्कारों में ट्रेड टेस्ट, सेफ वर्कर, कांट्रैक्ट वर्कर, वीटीसी, इनोवेशन आदि क्षेत्रों में विभिन्न पुरस्कार वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं अन्य मंचस्थ अतिथियों द्वारा सुरक्षा पर एक ई-स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
खान सुरक्षा को लेकर एसईसीएल द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी वर्ष एसईसीएल के चिरमिरी क्षेत्र में स्थित एनसीपीएच कोलियरी आर-6 खदान को दीर्घतम दुर्घटना मुक्त अवधि श्रेणी में उपविजेता घोषित किया गया है। पर्यावरण हितैषी अत्याधुनिक खनन तकनीक की मदद से एसईसीएल द्वारा खान सुरक्षा को लेकर कई प्रयास किए गए हैं। सरफेस माइनर एवं वर्टिकल रिपर की मदद से बिना विस्फोट किए कोयला खनन एवं ओबी कटिंग संभव हुई है। वहीं, उच्च क्षमता वाले मोबाइल वॉटर स्प्रिंक्लर्स की मदद से खनन क्षेत्र में उड़ने वाली धूल के प्रभाव को कम किया जाता है। भूमिगत खदानों में मैन राइडिंग सिस्टम की मदद से खनन और आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिली है।
इसके साथ ही एसईसीएल की सभी खदानों में जोखिम मूल्यांकन आधारित सुरक्षा प्रबंधन योजना को लागू किया गया है। सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों को हिन्दी एवं स्थानीय भाषा में समझाना, वर्कमेन इंस्पेक्टर द्वारा लगातार खान निरीक्षण, शिफ्ट की शुरुआत से पहले सुरक्षा शपथ, एसईसीएल की सभी खदानों का इंटर एरिया सेफ्टी ऑडिट आदि जैसे कदम भी उठाए गए हैं।