सेक्टर बैठक में विवाद
25 अप्रैल को गोल्लागुड़ा में आयोजित सेक्टर बैठक में नरेंद्रा दुर्गम ने मानदेय कटौती का विरोध किया, जिसके बाद सुपरवाइजर ने उन्हें कथित तौर पर बैठक से बाहर निकाल दिया। इस घटना से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ ने एकजुट होकर सुपरवाइजर के खिलाफ विरोध दर्ज किया और परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अंकिता प्रजापति को तत्काल हटाने की मांग की।
उग्र आंदोलन की तैयारी
संघ की जिलाध्यक्ष रेहाना खान ने कहा कि यदि सुपरवाइजर के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो सोमवार को बीजापुर मुख्यालय में रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ का कहना है कि यह मामला केवल एक कार्यकर्ता का नहीं, बल्कि पूरे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और उत्पीड़न की समस्या को उजागर करता है।
सुपरवाइजर का जवाब
सुपरवाइजर अंकिता प्रजापति ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नरेंद्रा दुर्गम उनके निरीक्षण के दौरान केंद्र से अनुपस्थित थीं। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता ने पंजी पूर्ण नहीं की थी और पोषण ट्रैकर ऐप भी उस दिन नहीं खोला गया। प्रजापति ने दावा किया कि बाद में फर्जी इंट्री की गई, जिसके सबूत उनके पास हैं। उन्होंने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया।
विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल
इस प्रकरण ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों के उत्पीड़न, अवैध वसूली और तानाशाही रवैये के खिलाफ उठी यह आवाज अब आंदोलन का रूप ले सकती है। मामले की जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज हो रही है।