सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते लोगों को समझाते पुलिस अफसर।
- फोटो : संवाद
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक युवक ने पुलिस की धमकी से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। युवक का अपनी भाभी से जमीन को लेकर विवाद हुआ था। इस पर दोनों पक्ष ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दी। आरोप है कि थानेदार ने युवक को फर्जी केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी और बचने के लिए 50 हजार रुपये मांगे। पैसों का इंतजाम नहीं होने पर युवक ने खुदकुशी कर ली। उसका शव मिलने के बाद परिजनों ने गुरुवार को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। फिलहाल एसपी ने थानेदार को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बलंगी चौकी अंतर्गत ग्राम बेबदी निवासी राजकुमार यादव (30) का शव संदिग्ध परिस्थिति में सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ क्षेत्र में मिला था। युवक के शव की शिनाख्त के बाद परिजनों को इसकी सूचना दी गई। युवक के शव को गुरूवार को गृहग्राम बेबदी लाया गया। यहां पर परिजनों ने शव वाहन को रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद चक्काजाम कर दिा। परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंचे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी की प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने खुदकुशी की है।
सड़क पर शव वाहन रोककर प्रदर्शन की सूचना मिलने पर वाड्रफनगर एसडीओपी अभिषेक झा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगो को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। इस पर एसडीओपी ने इसकी सूचना एसपी को दी। उनके निर्देश पर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया। एसडीओपी अभिषेक झा ने मृतक के परिजनों को पांच हजार रुपये सहयोग राशि भी प्रदान की है।
झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे मांगे 50 हजार
परिजनों ने बताया कि रामकुमार यादव का जमीन को लेकर उसकी भाभी से विवाद था। इसे लेकर झड़प हो गई थी। राजकुमार यादव रिपोर्ट दर्ज कराने चौकी पहुंचा, लेकिन उससे पहले ही उसकी भाभी एफआईआर दर्ज करा दी थी। उनके सिर पर हल्की चोट आई थी। आरोप है कि इस पर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ ने राजकुमार यादव को धारा 307 लगाकर जेल भेजने की धमकी दी और 50 हजार रुपये मांगे। राजकुमार यादव ने गांव के सरपंच के साथ ही अन्य लोगों से उधार में रुपये मांगे, लेकिन जब इंतजाम नहीं हुआ तो खुदकुशी कर ली।