छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ससाकालो-जुगमा के जंगल में बुधवार दोपहर हाथी के हमले से एक 60 वर्षीय ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। हाथी के हमले में उसके सीने, चेहरे, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। जंगल में वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण ग्रामीणों और वनकर्मियों ने घायल को खाट के सहारे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इसके बाद वन विभाग के वाहन से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
घायल ग्रामीण की पहचान ससाकालो लिपिंगी निवासी बिशुन पिता दसरू मझवार (60) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बिशुन बुधवार को साइकिल से लक्ष्मणगढ़ की ओर से ससाकालो-जुगमा जंगल के रास्ते एक वैद्य से मिलने जा रहा था। दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच जंगल में अचानक उसका सामना एक हाथी से हो गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, हाथी ने उस पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान बिशुन के सीने, चेहरे, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जंगल का रास्ता दुर्गम होने और वाहन के घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाने के कारण घायल को खाट पर लिटाया गया। ग्रामीणों और वनकर्मियों ने उसे खाट के सहारे जंगल से बाहर निकाला।
इसके बाद वन विभाग के वाहन से घायल को सीएचसी उदयपुर ले जाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। वन विभाग की ओर से घायल के परिजनों को तत्काल सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है।
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हाथियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। जंगल से लगे गांवों के ग्रामीणों में इससे दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीमें हाथी प्रभावित इलाकों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही हैं। लोगों को जंगल में जाने से बचने और हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। वन अमला हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए लगातार जागरूक कर रहा है।