स्मृति ईरानी के बयान पर बघेल का पलटवार
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में बुधवार को राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद अदानी परिवार को कांग्रेस शासित राज्यों में निवेश का मौका दिए जाने और उपकृत करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा गया। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के विरोध के बाद भी अदानी को जमीन दिए जाने का व्यक्तव्य भी इसमें शामिल है। बुधवार को सीतापुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लेकर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हमने कहां जमीनें दी हैं।
स्मृति ईरानी को गांधी परिवार को फोबिया हो गया है। कोयला खदान का आबंटन राजस्थान सरकार को किया गया। यहां महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश आंध्रप्रदेश सरकार को कोल ब्लाक आबंटन का कार्य केंद्र सरकार ने किया है। यह मिथ्या आरोप है। हमने कोई जमीन नहीं दी है। जितने भी मेजर मिनरल हैं, केंद्र सरकार के अधीन हैं। पहले तो इसमें राज्य सरकार की सलाह भी ली जाती थी, अब नया एमएमडीआर एक्ट आया है, इसके बाद सलाह लेने की भी जरूरत नहीं है।
लेमरू में कोल ब्लाक का हमने किया विरोध
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के शासनकाल में लेमरू के 400 वर्गकिलोमीटर में कोल ब्लाक की अनुमति आई थी, उसको भी नोटिफाइड नहीं किया था। हमने 1995 वर्ग किलोमीटर को नोटिफाई किया है। इस क्षेत्र में भारत सरकार ने कोल ब्लॉक के लिए लिस्टिंग की थी, इसका विरोध किया है। हमने सुप्रीम कोर्ट में भी शपथ पत्र दिया है कि इस क्षेत्र में कोल ब्लॉक की स्वीकृति न दी जाए, यह बायो डार्वसिटी के लिए उपयुक्त नहीं है। हमने कोर्ट में लिखित में दिया है। अब इसमें स्मृति ईरानी झूठ बोल रही हैं तो क्या कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री भी झूठ बोल रहे
धान खरीदी को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री भी झूठ बोल रहे हैं कि 80 फीसदी धान खरीदी हम करते हैं। राज्य सरकार ने 22 हजार करोड़ रुपये दिया है। केंद्र चावल न खरीदे तो हम धान की निलामी करते हैं और घाटा सहते हैं। इसमें प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं तो हम क्या कर सकते हैं।
मंच पर मांदर की थाप पर झूमें मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी आदिकाल से विश्व में, देश में और प्रदेश में बसे हुए हैं। पिछले पांच साल में आदिवासी जनता का जितना सम्मान हुआ, उतना पहले नहीं हुआ। दूर दराज के इलाके में जहां जहां वनीय क्षेत्र है, उत्तर-दक्षिण सभी जगह हमारे आदिवासी जन हैं। पूरा सरगुजा आदिवासी बहुल है। ये छत्तीसगढ़ सरकार हमेशा उनके हित में काम करती रहेगी और उनकी इच्छाओं और जरूरतों को पूरा करती रहेगी।
खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आदिवासियों का दिल जीता। आदिवासियों के हित मे ऐसे अनेक फैसले लिए हैं जिसके कारण आदिवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठा। जाति प्रमाण पत्र में मात्रात्मक त्रुटि को दूर करने के साथ बरसो से इस समस्या से पीड़ित लोगों को राहत भी छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया है। इस अवसर पर कांग्रेस की छग प्रभारी व पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया, कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव अम्बिका सिंहदेव, सीजीएमएससी के अध्यक्ष एवं विधायक डॉ प्रीतम राम सहित गुरप्रीत सिंह बाबरा, बालकृष्ण पाठक, भानुप्रताप सिंह, अजय अग्रवाल, जिपं अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, महापौर डॉ अजय तिर्की सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी गण उपस्थित थे। आज विश्व आदिवासी दिवस 2023 के अवसर पर जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 41330 आदिवासी परिवारों को लाभान्वित किया गया है, जिसमें आदिवासी विकास विभाग से 700 वन अधिकार पत्र बांटे गए। अन्य योजनाओं के तहत आदिवासी परिवारों को प्रमाणपत्र एवं कृषि उपकरण, बीज व सामाग्री का विरतण किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की कई घोषणाएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरगुजा को कई सौगातें दीं। इनमें अंबिकापुर में शासकीय बीएड कॉलेज की स्थापना, सरगुजा जिले में सभी 20 सीटर प्रीमैट्रिक आदिवासी छात्रावासों को 50 सीटर किये जाने की स्वीकृति, सीतापुर में आदिवासी पोस्ट मैट्रिक 200 सीटर छात्रावास, खेल और कोचिंग स्पोर्ट्स एकेडमी की घोषणा सहित सड़क, पुल, सामाजिक भवन के निर्माण की घोषणा शामिल है।
मांदर की थाप पर झूमे सीएम, डिप्टी सीएम- कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव क्षेत्र के आदिवासी नर्तक दलों को मांदर की थाप पर झूमते देख स्वयं को रोक नहीं पाए। दोनों ने गले में मांदर गले में लटकाया और मांदर की थाप पर झूमे। उन्हें देखकर उत्साहित युवक-युवतियों ने मांदर की थाप पर आदिवासी नृत्य किया।