अंबिकापुर में सूरजपुर जिले के ओड़गी ब्लाक अंतर्गत कालामांजन गांव में सोमवार की सुबह लकड़ी लेने जंगल गए तीन युवकों पर गांव की सीमा से लगे जंगल में बाघ ने हमला कर दिया। बाघ को देखकर तीनों युवकों ने करीब 20 मिनट तक बाघ से संघर्ष किया। बाघ ने तीनों युवकों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। युवकों का शोर सुनकर बड़ी संख्या में गांववाले हथियार एवं लाठियों से लैस होकर मौके पर पहुंचे तो बाघ एक किनारे जंगल में जाकर बैठ गया।
युवकों का शोर सुनकर पास के गांववाले भागते हुए टांगी, लाठी एवं भाला लेकर मौके की ओर दौड़े। उनका शोर सुनकर अन्य गांववाले की मौके की ओर भागे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचने पर बाघ सहमकर पास ही बैठ गया। ग्रामीण खून से लथपथ तीनों युवकों को बोरों में उठाकर वाहन से ओड़गी अस्पताल पहुंचे।
बाघ के हमले में तीनों युवकों को गंभीर चोटें आई हैं। हमले में घायल समय लाल की अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई। बाघ के हमले से उसका सिर फट गया था और खून ज्यादा बह गया। उसके पीठ, पेट, हाथ एवं पैरों में भी बाघ के पंजे मारे जाने से चोटें आई थीं। अन्य दो युवकों कैलाश एवं रूप साय के भी शरीर के कई हिस्सों में बाघ के पंजे एवं जबड़े से काटे जाने के कारण गंभीर चोटें आई। जिन्हें गंभीर हालत गंभीर हालत। दोनों को जिला अस्पताल रिफर किया गया। दूसरे घायल कैलाश ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है।
घटनास्थल मां कुदरगढ़ी धाम से करीब तीन किलोमीटर दूर है। उत्तर छत्तीसगढ़ के सिद्ध शक्तिपीठ के रूप में विख्यात कुदरगढ़ धाम में नवरात्र के अवसर पर प्रतिदिन हजारां की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। वहीं ओड़गी के अधिकांश गांव जंगलों से लगे हुए हैं। ऐहतियातन सूरजपुर डीईओ ललित पटेल ने ओड़गी ब्लाक के स्कूलों की छु्ट्टी घोषित कर दी है। बताया गया है बाघ घायल होने के बाद ज्यादा आक्रामक हो गया है। गांववालों को जंगली क्षेत्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सूरजपुर जिले में बाघ के विचरण की सूचनाएं कुछ दिनों से मिल रही थीं। एक माह पूर्व बाघ वाड्रफनगर क्षेत्र में पहुंच गया था और हाइवे के किनारे विचरण करते देखा गया था।
बाघ के हमले में एक युवक की मौत एवं अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना पर सूरजपुर डीएफओ संजय यादव, एसडीएम भैयाथान सागर सिंह, एसडीओपी भैयाथान राजेश जोशी पुलिस एवं वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे। गांव वालों ने बताया कि हमलावर बाघ अब भी मौके के पास ही डटा हुआ है। संभवतः बाघ घायल है और वह गुर्रा रहा है। ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने कहा गया है। आसपास पुलिस एवं वन अमले को तैनात किया गया है।