कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि भवनविहीन स्कूलों के लिए भवन स्वीकृत किए गए हैं, पीवीटीजी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया गया है तथा मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं और जिले में शिक्षा का वातावरण और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा तैयार 'दीवार पत्रिका' का विमोचन भी किया गया। साथ ही कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के नवप्रवेशी विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल बैग एवं अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। शासन की साइकिल वितरण योजना के तहत 21 छात्राओं को साइकिल भी प्रदान की गई।
इस दौरान मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण पुरस्कार के तहत शिक्षा दूत पुरस्कार प्राप्त 21 एवं ज्ञान दीप पुरस्कार प्राप्त तीन शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भी शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इसके अलावा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित कर साक्षरता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, संयुक्त संचालक संजय गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, डीएमसी सर्वजीत पाठक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।