सरगुजा और बलरामपुर जिलों में लगातार बारिश के बीच सर्पदंश की घटनाओं में तेजी आई है। मंगलवार को उपचार के दौरान तीन और लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों में सर्पदंश से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। यह स्थिति लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इन घटनाओं में बलरामपुर और सरगुजा दोनों जिलों के लोग शामिल हैं। अधिकांश मामले उन लोगों के साथ हुए हैं जो घरों में जमीन पर सो रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया है। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक से बचने को कहा गया है। तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। बारिश के मौसम में सांपों का रिहायशी इलाकों में आना बढ़ जाता है। यह स्थिति सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण उत्पन्न होती है।
बलरामपुर में पिता-बेटी की मौत
बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम डंभाटोली में एक दुखद घटना हुई। सोमवार रात शनिचरा पैंकरा (36) अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ जमीन पर सो रहे थे। देर रात एक विषैले सांप ने उन्हें और उनकी चार वर्षीय बेटी महंती को काट लिया। परिजनों ने पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिससे बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ। हालत बिगड़ने पर मंगलवार सुबह दोनों को शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने महंती को मृत घोषित कर दिया। शनिचरा को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
सरगुजा में किशोरी की मृत्यु
इसी तरह की एक अन्य घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सकरिया में हुई। 13 वर्षीय आसमनी एक्का अपने मामा के घर आई हुई थी। सोमवार रात वह अपनी मौसी के साथ जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान एक करैत सांप ने उसे डस लिया। परिजन तत्काल उसे कुन्नी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान किशोरी आसमनी ने भी दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
लगातार हो रही बारिश को इन घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। इससे वे सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है। घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना महत्वपूर्ण है। सर्पदंश होने पर किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। इसके बजाय, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सहायता लें। यह जीवन बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।