बलरामपुर जिले के तहसील कार्यालय से गांधी चौक तक बदहाल और खुदी पड़ी सड़क की मरम्मत नहीं होने से तहसील अधिवक्ता संघ, राजपुर ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) राजपुर को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर 30 सितंबर को दोपहर 2 बजे व्यवहार न्यायालय के सामने चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
निर्माण के नाम पर खोदकर छोड़ दी सड़क
अधिवक्ता संघ का आरोप है कि तहसील कार्यालय से गांधी चौक तक सड़क निर्माण के नाम पर ठेकेदार द्वारा मार्ग को लापरवाहीपूर्वक खोदकर छोड़ दिया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर संघ ने इससे पहले 9 सितंबर को भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द निर्माण कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
अस्पताल और न्यायालय जाने वालों की बढ़ी परेशानी
यह मार्ग राजपुर के महत्वपूर्ण रास्तों में शामिल है। इसी सड़क पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और व्यवहार न्यायालय स्थित हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, धूल और कीचड़ के कारण रोजाना आने-जाने वाले मरीजों, उनके परिजनों, आम नागरिकों, अधिवक्ताओं और न्यायालयीन पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय से न्यायालय तक आवागमन में भी लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है।
200 मीटर हिस्से का काम जल्द पूरा कराने की मांग
अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि व्यवहार न्यायालय से तहसील कार्यालय तक, लगभग 200 मीटर से कम दूरी वाले हिस्से का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कर अविलंब पूरा कराया जाए। इसके साथ ही गांधी चौक अथवा पानी टंकी तक सड़क के पूरे हिस्से का निर्माण भी बिना देरी के कराने की मांग की गई है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जय गोपाल अग्रवाल और सचिव सुनील सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण संघ विवश होकर आंदोलन का रास्ता चुन रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया गया, तो 30 सितंबर को तय स्थान पर चक्का जाम किया जाएगा।
ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बलरामपुर तथा थाना प्रभारी राजपुर को भी आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भेजी गई है।
NH 343 जर्जर सड़क और एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन