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बवासीर का 'कैदी' फरार: मेडिकल कॉलेज से हथकड़ी निकालकर भागा दुष्कर्म का आरोपी, बाहर ड्यूटी करते रह गए गार्ड

Fri, 02 Jun 2023 06:02 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबिकापुर

सार

मेडिकल कालेज अस्पताल में जांच के बाद आपरेशन के लिए बंदी ने सहमति भी दे दी थी। उसका एक-दो दिन में ऑपरेशन भी होना था। इस बीच गुरुवार देर रात करीब 12 बजे बिस्तर में बंधी हथकड़ी को कलाई से खिसकाकर पिछले दरवाजे से आरोपी गोपाल रजक फरार हो गया। 
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अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का जेल वार्ड। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती दुष्कर्म का आरोपी कैदी गुरुवार देर रात फरार हो गया। उसे मनेंद्रगढ़ जेल से इलाज के लिए लाया गया था। यहां दो दिन बाद उसके बवासीर का ऑपरेशन होना था, लेकिन उससे पहले ही वह हथकड़ी निकालकर भाग निकला। खास बात यह है कि इस दौरान सुरक्षा गार्ड बाहर ड्यूटी पर थे, लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला। फिलहाल आरोपी कैदी को पुलिस तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। 

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तबीयत खराब होने पर भेजा गया था अंबिकापुर जेल
जानकारी के मुताबिक, मनेंद्रगढ़ पुलिस ने बिहार के बेगुसराय में ग्राम नवागोठी निवासी गोपाल रजक ( 29) को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया था। वह मनेंद्रगढ़ में रहकर काम करता है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया था। इस बीच तबीयत खराब होने पर उसकी जांच की गई तो बवासीर से पीड़ित मिला। इसके बाद जेल प्रबंधन ने गोपाल को 30 मई को अंबिकापुर सेंट्रल जेल भिजवा दिया। यहां से उसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल के जेल वार्ड में रखा गया था।

एक-दो दिन में होना था ऑपरेशन
मेडिकल कालेज अस्पताल में जांच के बाद आपरेशन के लिए बंदी ने सहमति भी दे दी थी। उसका एक-दो दिन में ऑपरेशन भी होना था। इस बीच गुरुवार देर रात करीब 12 बजे बिस्तर में बंधी हथकड़ी को कलाई से खिसकाकर पिछले दरवाजे से आरोपी गोपाल रजक फरार हो गया। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक कुछ घंटे बाद लगी। तत्काल इसकी सूचना मणिपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने अस्पताल परिसर और आसपास उसकी तलाश की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
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जेलवार्ड की सुरक्षा पर सवाल
मेडिकल कालेज के जेल वार्ड में एक-चार के गार्ड की ड्यूटी के बाद भी दुष्कर्म के विचाराधीन बंदी के भाग निकलने से यहां के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पहले जेल वार्ड जिला अस्पताल के पुराने सर्जिकल वार्ड में था। वहां जगह कम होने के कारण उसे करीब एक माह पहले जेल वार्ड को महिला अस्पताल के नकीपुरिया वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। जिस कमरे को जेल वार्ड बनाया गया है, वहां से दूसरे वार्डों के आने-जाने का रास्ता गलियारे से होकर जाता है। जेल वार्ड में रहने वाले कैदी, बंदी शौच या स्नान के लिए बाहर गलियारे में बने बाथरूम का ही उपयोग करते हैं

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