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CG News: अंबिकापुर में MBBS इंटर्न का अनोखा प्रदर्शन, चाय बेचकर सरकार से मांगा बढ़ा स्टाइपेंड

Mon, 17 Aug 2026 09:19 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अम्बिकापुर

सार

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न का आंदोलन 14वें दिन भी जारी रहा। इंटर्न ने ‘एमबीबीएस चायवाला’ अभियान चलाकर सरकार का ध्यान खींचा और स्टाइपेंड 15,900 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की।

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विरोध प्रदर्शन करते मेडिकल के स्टूडेंट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरगुजा संभाग मुख्यालय स्थित अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न का आंदोलन सोमवार को 14वें दिन भी जारी रहा। मांग को शासन तक पहुंचाने के लिए इंटर्न ने अस्पताल की कैजुअल्टी के सामने अनोखे तरीके से ‘एमबीबीएस चायवाला’ अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने चाय बेचकर कम स्टाइपेंड के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

प्रदर्शनकारी इंटर्न के मुताबिक, वर्तमान में उन्हें हर महीने 15,900 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है। उनका कहना है कि मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद अस्पताल में मरीजों की सेवा, प्रशिक्षण और विभिन्न जिम्मेदारियों के बीच यह राशि पर्याप्त नहीं है। इंटर्न ने स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। उनका दावा है कि दूसरे राज्यों में इंटर्न को करीब 44 हजार रुपये या उससे अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

इंटर्नों ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर कई बार शासन और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके चलते 6 अगस्त से वे अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।

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चाय बेचकर सरकार तक पहुंचाया संदेश

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इंटर्नों ने कहा कि ‘एमबीबीएस चायवाला’ अभियान का उद्देश्य किसी पेशे या काम को कमतर आंकना नहीं है। यह कम स्टाइपेंड और अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का सांकेतिक प्रयास है। उनका कहना है कि चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षण के दौरान निभाई जा रही जिम्मेदारियों के अनुरूप उन्हें सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलना चाहिए।

प्रदर्शनकारी इंटर्नों ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान आपातकालीन और जीवनरक्षक सेवाओं को प्रभावित नहीं किया जा रहा है। गंभीर मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इंटर्नों ने सरकार से जल्द निर्णय लेकर स्टाइपेंड बढ़ाने और आंदोलन समाप्त कराने की दिशा में पहल करने की मांग की है।

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