सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत झरगांव में अवैध बिजली हुकिंग के जरिए खेत की सिंचाई करना एक किसान के लिए जानलेवा साबित हुआ। धान की फसल के लिए सिंचाई कर रहे किसान की कटे हुए नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई।
सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत झरगांव में अवैध बिजली हुकिंग के जरिए खेत की सिंचाई करना एक किसान के लिए जानलेवा साबित हुआ। धान की फसल के लिए सिंचाई कर रहे किसान की कटे हुए नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है, जबकि शनिवार दोपहर खेत में उसका शव मिलने से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, झरगांव निवासी रतन पैंकरा (41 वर्ष), पिता स्वर्गीय सकल राम पैंकरा, अपने खेत में धान रोपाई के लिए सिंचाई कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उन्होंने बिजली के खंभे से अवैध हुकिंग कर मोटर पंप चलाया था। शुक्रवार शाम खेत में पानी की स्थिति देखने के दौरान वह कटे हुए नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के समय खेत सुनसान होने के कारण किसी को इसकी भनक नहीं लगी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। शनिवार दोपहर परिजन दोबारा खेत पहुंचे तो रतन पैंकरा का शव धान के खेत में औंधे मुंह पड़ा मिला। उनके शरीर से बिजली का नंगा तार चिपका हुआ था, जिससे हादसे का पता चला।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही बतौली पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इधर, बिजली विभाग के सहायक अभियंता आर.पी. सिंह ने बताया कि अवैध बिजली कनेक्शन से हुई दुर्घटनाओं में मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि अवैध हुकिंग की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग को क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी अवैध हुकिंग की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच जारी है।