सरगुजा जिला में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार तड़के बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम मंगारी के जुनापारा के पास तेज रफ्तार क्रेटा कार की चपेट में आने से एक 45 वर्षीय ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद भागने का प्रयास कर रहे चालक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम मंगारी के कोलतापारा निवासी अर्जुन बखला (45), पिता पैगा बखला, रविवार सुबह करीब 5:30 बजे शौच के बाद पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अंबिकापुर की ओर जा रही क्रेटा कार ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्जुन करीब 15 मीटर दूर जा गिरे और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। चालक की पहचान टी.के. सिंह (48), निवासी देवगढ़, सीतापुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह मांगुर मछली लेकर अंबिकापुर जा रहा था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दिए बिना शव को दुर्घटनाग्रस्त वाहन से ही सीतापुर भेज दिया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 15 दिनों में NH-43 पर यह दूसरी जानलेवा दुर्घटना है। इससे पहले 3 जुलाई को माझापारा पुलिया के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले लक्ष्मीनारायण को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिनकी 17 जुलाई को उपचार के दौरान मौत हो गई।
लगातार हो रहे हादसों से चिंतित ग्रामीणों ने सीतापुर से अंबिकापुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
घटनास्थल की फोटो।