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अम्बिकापुर: वित्त मंत्री चौधरी बोले- जीएसटी सुधार से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ, पीएम मोदी का जताया आभार

Wed, 10 Sep 2025 11:00 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुर

सार

सरगुजा प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बुधवार को अंबिकापुर भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जीएसटी सुधार से आमजन, व्यापारी व किसानों को  सीधा लाभ मिलेगा।
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वित्त मंत्री चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरगुजा प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बुधवार को अंबिकापुर भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जीएसटी सुधार से आमजन, व्यापारी व किसानों को  सीधा लाभ मिलेगा। मंत्री श्री चौधरी ने जीएसटी सुधार के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार माना।ओ पी चौधरी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आर्थिक महाशक्ति बनने की तरफ अग्रसर है। आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी के स्लैब का सरलीकरण, इसके रेट में अभूतपूर्व सुधार करके रेट को कम करके भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की तरफ हम अग्रसर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाले हैं। इससे न सिर्फ लोगों की बचत में ऐतिहासिक बढ़त होगी, बल्कि जीएसटी कानूनों के सरलीकरण से अब व्यापारी भी अधिक सुगमता के साथ अपना कार्य कर सकेंगे। 

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आगे उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। इसके अलावा राज्य सरकारें भी मनमाने ढंग से कभी भी कोई भी कर आरोपित कर देती थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय पर टैक्स नहीं लागू करने का निर्णय लेने के बाद अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर देने से अब वास्तव में भारतीय अर्थव्यवस्था अब जनता के लिए रामराज्य लाने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि नए सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएँ, ट्रैक्टर व उसके कलपुर्जे व अन्य कृषि उपकरण तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। 

जीएसटी करदाता 2017 में 66.5 लाख से बढ़कर 2025 में 1.51 करोड़ हो गए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जो केवल चार वर्षों में दोगुना हो गया है। इसका लाभ वस्त्र उद्योग को, विशेष रूप से निर्यात के लिए, होगा। हस्तशिल्प की कम दरें कारीगरों की आजीविका को समर्थन देंगी, विरासत को संरक्षित करेंगी और ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी। ऑटोमोटिव में स्पष्ट वर्गीकरण से विवाद कम होंगे तथा विनिर्माण और निर्यात में वृद्धि को समर्थन मिलेगा। नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।
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श्री चौधरी ने कहा कि यह सुधार किसानों के जीवन में भी आर्थिकी को मजबूती प्रदान करेगा और यह किसान के लिए कम लागत के साथ सक्षम कृषि में सहायक होगी। इसके अलावा अपवाद के रूप में जहां स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों पर 40 प्रतिशत कर आरोपित किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को आर्थिक सुधार और शानदार प्रबंधन के लिए केवल प्रोत्साहन राशि के मद में 6200 करोड़ रुपए मिले हैं। छत्तीसगढ़ की आबादी देश की जनसंख्या का दो प्रतिशत से भी कम है लेकिन इस मद में हमें 41 प्रतिशत का 3.407 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। इस वृद्धि के कारण पिछले 10-11 वर्ष में हमें एक लाख करोड़ रुपए से अधिक अतिरिक्त मिले हैं। देश को विकसित बनाने के इस यज्ञ में विपक्ष द्वारा दोहरी राजनीति करना दुखद है। विपक्ष द्वारा किया जा रहा दुष्प्रचार निहायत ही बचकाना और झूठ है। इस सुधार की शुरुआत आज से डेढ़ वर्ष पहले ही हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार करने का आश्वासन दिया था और मात्र बीस दिन के भीतर ही जीएसटी काउंसिल ने इस सुधार को मंजूरी दे दी। जीएसटी दर में कमी से जनता की जेब में पैसा जाएगा, खरीदी क्षमता बढ़ेगी, देश विकसित होने की दिशा में बढ़ेगा।

आगे उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे चुनावी और राजनीतिक एजेंडे से बड़े होते हैं। वह राष्ट्र हित में बड़े-बड़े फैसले लेने की ताकत रखते हैं। कोई भी फैसला होता है तो उसमें टैक्स का बेस बढ़ता है। टैक्स का पैसा या तो सरकार की जेब में जाता है या फिर जनता की जेब में जाता है। सरकार अब अपने जेब में न लेकर जीएसटी में बदलाव करके जनता की जेब में पैसा डाल रही है। जनता की जेब में पैसा जाने से उनकी खरीदी करने की क्षमता बढ़ती है, पहले टैक्स पर टैक्स लगता था। जीएसटी में एक देश एक कर प्रणाली लाने का काम किया गया। यह प्रणाली जब आज अच्छी हो गई तो इसको दूसरे रूप में रिफार्म करने का काम किया गया है। कोई भी टैक्स देने वाला कंफर्ट जोन में होना चाहिए, यह तय करना सबकी जिम्मेदारी है। ओ पी चौधरी ने जीएसटी सुधार के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। 

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