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नहीं मिला पांचवां शव: कोरिया में प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ बंद की खदान; तीन महिलाओं सहित चार की गई जान

Thu, 20 Apr 2023 07:08 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरिया

सार

खदान धंसने से मृत चारों के शवों का पोस्टमार्टम बैकुंठपुर में किया गया। दोपहर बाद सभी के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। शवों का अंतिम संस्कार गढ़तर व पोटेडांड में किया जाएगा। हादसे में चार की मौत से दोनों गांवों में शोक है।
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खदान धंसने से चार ग्रामीणों की मौत हो गई थी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के कोरिया में बुधवार शाम हुए छुई खदान हादसे में पांचवां शव नहीं मिला है। प्रशासन की टीम ने शव की तलाश के लिए गुरुवार को भी चार घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। खदान धंसने से चार ग्रामीणों की मौत हो गई थी। इसमें तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बैकुंठपुर भेजा है। वहां पंचानामा कार्रवाई के बाद शाम तक परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं पुलिस ने जेसीबी से छुई खदान के संवेदनशील इलाके को बंद करा दिया है। हादसा खड़गवां ब्लॉक में हुआ था। 

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यह भी पढ़ें...Chhattisgarh: कोरिया में खदान धंसने से तीन महिलाओं सहित चार की मौत, एक लापता; मिट्टी निकालते समय हुआ हादसा

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खदान धंसने से हुआ था हादसा
जानकारी के मुताबिक, ग्राम गढ़तर के मौहारीपारा रोड स्थित लोहरिया नदी के पास छुई खदान से मिट्टी निकालने के लिए बुधवार को गांव के ही महिला-पुरूष गए थे। इस दौरान खुदाई करते समय शाम करीब 6 बजे अचानक छुई खदान धसक गई। इसमें वहां खुदाई कर रहे लोग दब गए थे। खदान के बाहर मौजूद अन्य लोगों व बच्चों ने दौड़कर इसकी जानकारी गांव में दी। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई थी। इसके बाद जेसीबी बुलाकर मलबे को हटाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव मिले थे। 
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पुलिस ने खदान के मलबे से ग्राम गढ़तर निवासी मीराबाई पत्नी अमर सिंह, मानमती पत्नी शिवकुमार, पोटेडांड निवासी पूजा पत्नी रनसिंह गोंड व राम सुंदर पुत्र रामदास के शवों को बाहर निकाला गया था। मृत महिलाओं की उम्र 28 से 35 साल के बीच थी। वहीं राम सुंदर 45 साल का था। हादसे की सूचना पर बैकुंठपुर विधायक अंबिका सिंहदेव, खड़गवां तहसीलदार समीर शर्मा, भी देर शाम पहुंचे थे। पुलिस एवं वन विभाग की टीम ने पांचवें व्यक्ति के खदान में दबे होने की आशंका पर खुदाई कराई, पर शव नहीं मिला। 

नदी के कटाव से बना था खदान
बैकुंठपुर थानेदार विजय सिंह ने बताया कि छुई मिट्टी की खदान लोहरिया नदी के कटाव के कारण बनी थी। वहां कोई खदान नहीं है। छुई मिट्टी निकालने के लिए ग्रामीण अंदर घुसे थे, उसी दौरान नदी के कटाव के कारण कमजोर हुआ किनारा धंस गया। इस हादसे में आठ साल की एक बच्ची भी दबी थी, लेकिन वह बाहर निकल गई थी। उसे चोटें नहीं आई हैं। जबकि चार ग्रामीण फंस गए और दबने से उनकी मौत हो गई। मौके पर गए लोगों से भी तस्दीक हो गई है कि अब कोई लापता नहीं है। 

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