तकिया फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करते नेता प्रतिपक्ष।
अंबिकापुर शहर में लगातार सामने आ रही पेयजल संकट और गंदे पानी की शिकायतों के बीच कांग्रेस पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के नेतृत्व में शनिवार को तकिया और कतकालो स्थित जल शोधन संयंत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कांग्रेस ने नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि फिल्टर प्लांट अपनी निर्धारित क्षमता से काफी कम उत्पादन कर रहे हैं तथा रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने बताया कि अब तक जल संकट के लिए बिजली कटौती को जिम्मेदार बताया जाता रहा, लेकिन निरीक्षण में सामने आया कि समस्या केवल बिजली की नहीं, बल्कि प्लांटों के संचालन और रखरखाव की भी है। उन्होंने कहा कि 17.5 एमएलडी क्षमता वाले तकिया फिल्टर प्लांट से केवल 10 से 11 एमएलडी तथा 18 एमएलडी क्षमता वाले कतकालो प्लांट से मात्र 12 से 13 एमएलडी पानी का शोधन और वितरण किया जा रहा है।
कांग्रेस पार्षदों के अनुसार निरीक्षण के दौरान एक मड पंप लंबे समय से बंद मिला, जबकि फिल्टर बेड की नियमित सफाई नहीं होने से वहां काई और घास जम गई है। इसके अलावा जल शोधन में उपयोग होने वाले एलम (फिटकरी) का पर्याप्त भंडारण भी नहीं पाया गया। अनुबंध के अनुसार दोनों प्लांटों में 32 कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन मौके पर केवल छह कर्मचारी ही कार्यरत मिले।
कांग्रेस का आरोप है कि क्लैरिफ्लोकुलेटर बंद होने, तकनीकी स्टाफ की कमी, उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही तथा आवश्यक स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं होने से जल शोधन क्षमता 30 से 50 प्रतिशत तक प्रभावित हो रही है। वहीं बिजली बाधित होने पर जनरेटर का समुचित उपयोग नहीं किए जाने से भी जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इन खामियों के कारण शहर के कई वार्डों में पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कलेक्टर से मुलाकात कर निरीक्षण में मिली अनियमितताओं की जानकारी देगा तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, फिल्टर प्लांट की व्यवस्था में तत्काल सुधार और शहरवासियों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग करेगा।