फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंबिकापुर: खाताधारकों की FD रकम में किया घोटाला, 35 लाख से ज्यादा की हेराफेरी, डाकपाल समेत 3 निलंबित

Wed, 09 Sep 2026 02:41 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबिकापुर

सार

अंबिकापुर के प्रधान डाकघर में खाताधारकों की FD पर बड़ा खेल सामने आया है। 15 खातों की 35 लाख रुपये से अधिक की रकम खाताधारकों तक पहुंचने के बजाय दूसरे खातों में डाल दी गई और फिर निकाल ली गई। मामले में तीन कर्मचारी निलंबित हुए हैं।
विज्ञापन
अंबिकापुर प्रधान डाकघर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के प्रधान डाकघर में 15 खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट की 35 लाख रुपये से अधिक राशि में हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद जमाकर्ताओं के बचत खातों में राशि जमा करने के बजाय उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया गया। मामले में डाक विभाग ने डाकपाल समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही गई है।

विज्ञापन


राशि नहीं मिलने की शिकायत से हुआ खुलासा
मामले का खुलासा बलरामपुर जिले के निवासी खाताधारक सिराजुल हक की शिकायत के बाद हुआ। सिराजुल हक ने प्रधान डाकघर में फिक्स्ड डिपॉजिट कराई थी। नियमानुसार परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद इसकी राशि उनके बचत खाते में जमा होनी थी लेकिन राशि खाते में नहीं पहुंची। शिकायत मिलने पर डाकघर के सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने मामले की जांच कराई। जांच में मार्च 2026 से अब तक करीब 15 खातों से 35 लाख रुपये से अधिक की राशि में हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई है।

सीपीसी शाखा में सामने आई गड़बड़ी
जांच के दौरान पता चला कि कथित गड़बड़ी प्रधान डाकघर के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर में हुई है। फिक्स्ड डिपॉजिट की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद राशि खाताधारक के बचत खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में डाटा एंट्री ऑपरेटर, सुपरवाइजर और डाकपाल की भूमिका होती है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: मां की ममता शर्मसार!: भिलाई में हैरान करने वाला मामला, गटर के अंदर मिला नवजात; पुलिस जांच में जुटी

जांच के अनुसार सीपीसी में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर रामजीलाल मीणा, बीमा का काम देखने वाली सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव और राशि जारी करने वाले डाकपाल मनोज पांडेय की भूमिका सामने आई है। विभाग ने जांच में हेराफेरी की पुष्टि के बाद तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई राशि
जांच के अनुसार खाताधारकों की एफडी की परिपक्वता राशि उनके बचत खातों में जमा करने के बजाय अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई और इसके बाद राशि आहरित कर ली गई। सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।
विज्ञापन


डाक विभाग अब ऐसे अन्य खाताधारकों के खातों की भी जांच कर रहा है, जिनकी एफडी परिपक्व हो चुकी है। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित खाताधारकों को उनकी राशि मिली है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही प्रभावित जमाकर्ताओं को उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें