Air Pollution After Diwali Fireworks in CG: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दीपावली के दूसरे और तीसरे दिन (मंगलवार-बुधवार) की सुबह सुहानी रही। यहां आसमान में पटाखों का असर असर बेहद ही कम नजर आया। सामान्य दिनों की तुलना में आसमान साफ दिखा। वायु प्रदूषण में भी कमी देखी गई। जैसा कि हर बार दिवाली के दूसरे दिन आसमान में जहरीले धुएं का गुबार मंडराता रहता है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। एक्यूआई लेवल 102 दर्ज किया गया।
पर्यावरण विभाग के अनुसार, रायपुर की हवा में इस बार धूल और धुएं का स्तर घटा, जो साफ मौसम और हवा के रुख के कारण संभव हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यह शहर के लिए पर्यावरण संतुलन का अच्छा संकेत है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई लेवल) के अनुसार, दीपावली के अगले दिन रायपुर का एक्यूआई लेवल 102 दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी (101–200) में रहता है। यानी हवा पूरी तरह शुद्ध भले न हो, लेकिन सांस लेने लायक और सेहत के लिए सुरक्षित मानी गई। रिपोर्ट के अनुसार, 21 अक्तूबर को दीपावली में पटाखे जलाने के बाद राजधानी रायपुर की हवा साफ-सुथरी दिखी। वहीं विजिबिलिटी भी बेहतर नजर आई। दो दिन पटाखे जलाने के बावजूद राजधानी रायपुर में एयर पोल्यूशन नहीं देखा गया। बताया जाता है कि इसकी वजह बीती रात हवा का चलना रहा। जो शायद जहरीले हवाओं को अपने साथ उड़ाकर कहीं और लेकर चली गई। रायपुर का 102 एक्यूआई लेवल रहा, जो सामान्य से एक अंक ही अधिक है। कलेक्ट्रेट चौराहे पर लगे एयर मॉनिटरिंग सिस्टम में आंकडे़ बता रहे हैं कि रायपुर की हवा साफ सुधरी है। एयर मॉनिटरिंग सिस्टम में रायपुर में हवा में प्रदूषण का सबसे अधिक लेवल SO2 16.46 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है और न्यूनतम प्रदूषण लेवल सीओ 0.98 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है. बता दें कि एक्यूआई लेवल लेवल 0-50 बेहतर माना जाता है जबकि एक्यूआई लेवल लेवल 50-10 संतोषजनक माना जाता है।
एक्यूआई लेवल श्रेणियों के अनुसार
- 0–50: बेहतर
- 51–100: संतोषजनक
- 101–200: सामान्य
- 201–300: खराब
- 301–400: बहुत खराब
- 400+ : गंभीर