छत्तीसगढ़ में खाद-बीज और कीटनाशक औषधियों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। कृषि विभाग की ओर से प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों, बीज और कीटनाशक औषधि की गुणवत्ता की ध्यान रखी जा रही है। ऐसे में जिन संस्थानों में अमानक खाद, बीज और कीटनाशक मिलने पर ऐसे फर्मों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। वहीं कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा रहा है।
प्रदेश में जिला स्तर के अधिकारी अपने क्षेत्रों में बीज, खाद और कीटनाशक औषधियों के सैंपल ले रहे हैं। इसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में हो रही है। खरीफ सीजन 2023 में अब तक प्रदेश में बीज के 89 नमूने और रासायनिक उर्वरक के 25 नमूने अमानक पाए गए हैं। अपर संचालक कृषि उर्वरक एससी पदम ने बताया कि खरीफ सीजन 2023 में बीज के 5 हजार, उर्वरक के 3 हजार 500 और पौध संरक्षण औषधि के 556 नमूने लिए जाने का लक्ष्य है। विभागीय अधिकारियों की टीम ने अब तक बीज के 3 हजार 958 नमूने को प्रयोगशाला भेजकर परीक्षण कराया है। परीक्षण में 3 हजार 762 नमूने मानक और 89 अमानक पाए गए हैं। बाकी सैंपल का परीक्षण जारी है।
रासायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच के लिए कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों ने 3 हजार 6 नमूने कई संस्थानों से लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अब तक जांच में 1 हजार 267 नमूने सही मिले हैं और 25 अमानक हैं। वहीं 1 हजार 566 नमूने की जांच जारी है। 148 नमूने को निरस्त किया गया है। अमानक बीज और खाद के लाट के विक्रय को विभाग ने प्रतिबंधित किया है। ऐसे संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग की टीम कीटनाशक औषधियों के गुणवत्ता की लगातार जांच कर रही है। जांच टीम ने अब तक कुल 84 सैंपल कई कंपनियों से लिए हैं। इनमें से 30 सैंपल मानक और 3 अमानक पाए गए हैं। 37 सैंपल की जांच चल रही है, जबकि 14 सैंपल को निरस्त किया गया है।