झोला छाप डॉक्टरों की ओर से अवैध रूप से क्लिनिक संचालित कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों के बाद शनिवार को जिला प्रशासन ने एक साथ कई जगह छापेमारी कर अवैध क्लिनिकों को सील कर दिया।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में झोला छाप डॉक्टरों की ओर से अवैध रूप से क्लिनिक संचालित कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शनिवार को जिला प्रशासन ने एक साथ कई जगह छापेमारी कर अवैध क्लिनिकों को सील कर दिया।
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कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी के निर्देश पर अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार पेंड्रारोड, खंड चिकित्सा अधिकारी गौरेला और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने गौरेला स्थित माँ अम्बे क्लिनिक, लालपुर और अंधियारखोह में अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों की जांच की।
जांच में यह पाया गया कि इन क्लिनिकों के पास कोई चिकित्सकीय योग्यता, अनुमति या पंजीयन प्रमाणपत्र नहीं था। झोला छाप संचालक मरीजों को इंजेक्शन और दवाइयाँ दे रहे थे, जिससे लोगों की जान को गंभीर खतरा था। प्रशासन ने मौके से दवाइयाँ, इंजेक्शन, मरीजों की पर्चियाँ और उपकरण जब्त किए और तुरंत सभी क्लिनिकों को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे झोला छाप डॉक्टरों और अवैध क्लिनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। बिना योग्यता या अनुमति के इलाज करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि इलाज के लिए केवल प्रमाणित चिकित्सकों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का ही सहारा लें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध डॉक्टर या अवैध क्लिनिक की जानकारी स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन को तुरंत दें ताकि शीघ्र कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर में अवैध क्लिनिक संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। कई जगह संचालक अपने बोर्ड और उपकरण हटाते देखे गए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा, जिससे लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।