रायपुर में दो वर्ष पहले हुए एक राजनीतिक प्रदर्शन से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता विनोद तिवारी को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में दर्ज गैर-जमानती धाराओं के कारण वे जमानत के लिए अदालत पहुंचे थे, लेकिन सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दे दिया, जिसके बाद उन्हें सीधे केंद्रीय जेल रायपुर दाखिल किया गया।
यह केस उस प्रदर्शन से संबंधित है, जिसमें कानून-व्यवस्था के उल्लंघन और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना के आरोप लगाए गए थे। पुलिस द्वारा दर्ज मामले में गंभीर धाराएं जोड़ी गई थीं, जिसके चलते लंबे समय से यह मामला अदालत में विचाराधीन था।
अदालत में पेशी पूरी होने के बाद विनोद तिवारी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। घटना के बाद कांग्रेस संगठन में हलचल तेज हो गई है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।