राजधानी रायपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ रखा है। वर्ष 2026 में अब तक रायपुर पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में 3365 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इसी अभियान के तहत 7 जून की रात शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 52 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए। इनमें 34 कार चालक, 11 बाइक सवार, 4 ट्रक चालक, 2 टाटा एस वाहन चालक और 1 पिकअप वाहन चालक शामिल हैं।
9 प्रमुख स्थानों पर हुई विशेष जांच
यातायात पुलिस की टीमों ने तेलीबांधा चौक, पचपेड़ी नाका, भाठागांव चौक, टाटीबंध चौक, कालीबाड़ी चौक, जयस्तंभ चौक, भनपुरी चौक और पंडरी थाना क्षेत्र सहित शहर के नौ स्थानों पर देर रात तक चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान ब्रेथ एनालाइजर की मदद से वाहन चालकों की जांच की गई, जिसमें कई लोग निर्धारित सीमा से अधिक शराब के नशे में वाहन चलाते मिले। पकड़े गए सभी चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस उन्हें न्यायालय में पेश करेगी, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की कवायद
यातायात पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजहों में से एक है। ऐसे में लगातार अभियान चलाकर लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने और कानून का पालन कराने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी शहरभर में ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
नागरिकों से की गई अपील
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने, मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की है। साथ ही अभिभावकों से नाबालिगों को वाहन नहीं देने की सलाह दी गई है। पुलिस का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल कानून लागू करने से नहीं, बल्कि नागरिकों की जिम्मेदारी और जागरूकता से भी सुनिश्चित होती है। इसलिए सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।