फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीजी: आचार्य अनिरुद्धाचार्य बोले- साइबर ठगी से सावधान रहना जरूरी, थोड़ी-सी लापरवाही मेहनत की कमाई को खतरे में

Tue, 15 Sep 2026 03:25 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, जांजगीर चाम्पा

सार

आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म और आध्यात्मिकता के साथ बदलते डिजिटल दौर की चुनौतियों से सावधान किया। उन्होंने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए लोगों को मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी।
विज्ञापन
सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में आयोजित धार्मिक समागम में सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म और आध्यात्मिकता के साथ बदलते डिजिटल दौर की चुनौतियों से सावधान किया। उन्होंने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए लोगों को मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन हर व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है और बैंकिंग से लेकर खरीदारी तक के काम इसके जरिये हो रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी लोगों को शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं और थोड़ी-सी लापरवाही मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है।
विज्ञापन


अनजान लिंक और कॉल से बरतें सतर्कता
आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं से अपील की कि मोबाइल पर आने वाले हर मैसेज, लिंक, फोन कॉल या वीडियो कॉल पर तुरंत भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या एप डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। उन्होंने बताया कि ठगी करने वाले लोग अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार या सरकारी संस्था के कर्मचारी बनकर संपर्क करते हैं। ऐसे मामलों में घबराने या जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय संबंधित व्यक्ति या संस्था से आधिकारिक माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।

बैंकिंग जानकारी किसी के साथ न करें साझा
समागम में उन्होंने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से बैंकिंग सुरक्षा के प्रति सतर्क किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी, पिन , सीवीवी और बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। साइबर अपराधी लोगों को डराकर या लालच देकर उनकी निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। वे कभी इनाम, नौकरी या निवेश का लालच देते हैं तो कभी पुलिस केस या बैंक खाता बंद होने का डर दिखाते हैं। दोनों ही हालात में घबराने या लालच में आने के बजाय सतर्क रहना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति फोन पर तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाए, तो तुरंत बातचीत रोककर आधिकारिक नंबर पर संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन


गांव और छोटे शहरों में भी बढ़ा खतरा
उन्होंने वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी लोगों को सावधान किया। अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज साइबर अपराध केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और छोटे शहरों के लोग भी इसके निशाने पर आ रहे हैं। इसलिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को डिजिटल सुरक्षा की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से खुद सतर्क रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें