आम आदमी पार्टी ने जगदलपुर में बिजली दर वृद्धि और कटौती के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना किया, लेकिन प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया। आप ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए जन आंदोलन तेज करने की बात कही।
बस्तर के जगदलपुर में आम आदमी पार्टी (आप) ने बिजली दरों में वृद्धि और बार-बार बिजली कटौती के खिलाफ एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। पार्टी ने इसे जनता की मूलभूत सुविधाओं के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन बताया। हालांकि, प्रदर्शन की पूर्व सूचना और अनुमति के बावजूद, पुलिस प्रशासन ने धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया।
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आप नेता समीर खान ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा, 'शांतिपूर्ण तरीके से जनता की समस्याएं उठाने वालों को रोका जा रहा है। क्या बस्तर में आवाज उठाने का अधिकार भी छिन गया है? भाजपा की डबल इंजन सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।' उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़, जो बिजली उत्पादन में अग्रणी है, वहां नागरिकों को महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है, जो सरकार की जनविरोधी नीतियों का परिणाम है।
आप पदाधिकारी तरुणा सागर वेदरकर ने कहा, 'बस्तर में हर जन-आंदोलन को प्रशासनिक दमन का सामना करना पड़ता है। यह सिर्फ बिजली की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।' उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की आवाज को दबाने की कोशिश हुई तो पार्टी और मजबूती से सड़कों पर उतरेगी। आप ने घोषणा की कि वह बस्तर में जनता के हक के लिए धरना-प्रदर्शन और जन आंदोलन जारी रखेगी। प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।