बलरामपुर रामानुजगंज में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाला है। पिछले कुछ समय में बलरामपुर क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या की यह चौथी घटना है।
बलरामपुर रामानुजगंज जिले के ग्राम नावाडीह में अंकेश गुप्ता (19) ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार को हुई और क्षेत्र में पिछले कुछ समय में फांसी से आत्महत्या की चौथी घटना है। अंकेश के परिवार वाले सदमे में हैं और उनके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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अंकेश गुप्ता रामानुजगंज कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। अपने पिता मुरली गुप्ता के साथ घर पर था। उसकी मां इलाज के लिए डाल्टनगंज गई थी। मुरली गुप्ता ने बताया कि सुबह वह खेत पर जाने से पहले अंकेश से बात कर गए थे और उसे खाना बनाने को कहा था। एक घंटे बाद लौटने पर उन्होंने अंकेश को घर में नहीं पाया। उसके जूता-चप्पल और मोबाइल घर में ही था। व्याकुल होकर खोजने पर पिता को अंकेश छत पर फांसी के फंदे से लटका मिला। इस दृश्य ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया।
मुरली गुप्ता अपने इकलौते बेटे अंकेश की पढ़ाई और परवरिश के लिए दिन-रात मेहनत करते थे। वे लूना पर बर्तन बेचने जाते थे, ताकि बेटे को अच्छे कपड़े, जूते और जरूरत की सभी चीजें मिल सकें। घर को लेंटर डालकर बनवाया गया, ताकि अंकेश को बेहतर सुविधाएं मिलें। जब अंकेश बीमार पड़ता था, पिता उसे दूर-दूर तक इलाज के लिए ले गए और ठीक होने तक हर संभव कोशिश की। मां द्वारा डाँटने पर पिता उसे स्वतंत्रता देते थे और कहते थे कि वह अपने मन से पढ़ाई करे, लेकिन इस घटना ने परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया।
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पिछले कुछ समय में बलरामपुर क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या की यह चौथी घटना है। समाज में बढ़ती निराशा और तनाव के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।