परिवार पालने के लिए एक लड़की क्या कर सकती है। कोई ऐसी नौकरी, कोई ऐसा काम जो उसको कुछ पैसे दिला सके। लेकिन आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि छत्तीसगढ़ के भिलाई में रहने वाली बलबीर कौर ने अपने परिवार का पेट पालने के लिए ऑटो रिक्शा चला रही है।
परिवार की मदद के लिए उसने वह पेशा अपनाया, जिसमें आज तक केवल पुरूषों का ही वर्चस्व रहा है। दुर्ग से भिलाई के बीच जब बलवीर ऑटो लेकर गुजरती है, तो एक बार लोग पलट कर जरूर देखते हैं और उनके मुंह से निकल ही जाता है "लड़की और ऑटो चालक...।
पिछले तीन महीने से सड़कों पर फर्राटे से ऑटो दौड़ा रही बलबीर कौर का आत्मविश्वास देखते ही बनता है। पुरुष के परिधान में बलवीर खुद को किसी लड़के से कम नहीं समझती।
महत्वपूर्ण फैसला
बलबीर कौर ने हिम्मत की और ऐसा पेशा चुना जिसके लिए कई पुरुष भी हिम्मत नहीं कर पाते हैं। बलबीर ने पढ़ाई भले ही दसवीं तक की हो लेकिन वह मेहनत से ऑटो चला कर पैसे काम कर रही हैं। वह सुबह ऑटो लेकर निकलती हैं तो देर रात वापस लौटती हैं। ऑटो चलाने के बाद बलबीर डेंटल क्लीनिक में भी काम करती हैं।
बलबीर के पिता भी ऑटो ड्राइवर हैं और उनकी कमाई से महंगाई के इस दौर में घर का गुजारा होने में मुश्किल आ रही थीं।
घर की परिस्थितियां ऐसी बनीं कि किसी न किसी को पिता के काम में हाथ बंटाना ही पड़ेगा। तब उसने फैसला किया वह खुद ऑटो चलाएगी।
पिता चाहते थे भाई करे यह काम
वह बताती है कि पिछले तीन महीने से वह रोज करीब पांच सौ रूपए कमा लेती है, और ऑटो की किस्त भी चुका पा रही हैं।
बलबीर के मुताबिक उसके पिता चाहते थे, कि उसका छोटा भाई ऑटो चलाए, लेकिन उसकी बजाए वह ऑटो चलाना सीख गई, इससे पहले वह सभी तरह की गाडियां चला लेती थी, इसलिए उसे ऑटो चलाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई।
वह कहती है कि इस ऑटो की किस्त चुकता करने के बाद वह नया ऑटो खरीदेगी।