छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रविवार को 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से छह के सिर पर लाखों रुपये का इनाम था। पुलिस उप महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने कहा कि इन लोगों ने माओवादियों की खोखली विचारधारा और उनकी गलत नीतियों से हताश होने का हवाला दिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को राज्य की नीति के मुताबिक पुनर्वास नीति की सुविधाएं मिलेंगी। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने कहा कि नंदा बार्से के सिर पर 5 लाख रुपये का इनाम था। वह खतरनाक माओवादी कमांडर गणेश उडके के गनमैन के तौर पर सेवा दे रहा था।
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2014 में सुकमा जिले के थाकावाडा और कासालपाडा समेत कई अहम माओवादी हमलों में बार्से का कथित तौर पर हाथ था। इस हमले में क्रमश: 15 सुरक्षा बल और सीआरपीएफ के 14 जवान मारे गए थे। दो अन्य नक्सली सुक्का मादकाम (19) और भीमा पोडियामी (21) के सिर भी 8-8 लाख रुपये का इनमा था।
ये दोनों इस साल अप्रैल में सीआरपीएफ पेट्रोलिंग टीम पर हमले से जुड़े थे। इस हमले में 25 अर्द्धसैनिक कर्मी मारे गए थे। इन तीनों के अलावा 21 वर्षीय बामन कुनजाम, 21 वर्षीय बुधराम सोढी, 24 वर्षीय हिंगा, 21 वर्षीय सुदरु, 26 वर्षीय सहदेव और 20 वर्षीय महिला कोसी मनदावी ने भी आत्मसमर्पण कर दिया।
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कुनजाम और सोढी के सिर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था जबकि हिंगा के सिर पर 3 लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 10000 रुपये की तुरंत वित्तीय सहायता मुहैया कराई गई।