Arrested Naxalite - सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में लोन वरतु (घर वापसी) कार्यक्रम के तहत आठ लाख रुपये के इनामी नक्सली ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि 22 वर्षीय इनामी नक्सली कोसा मरकाम ने आत्मसमर्पण कर दिया।
लोन वरतु कार्यक्रम के तहत हुई वापसी
पुलिस अधीक्षक पल्लव ने बताया कि कोसा ने नक्सलियों की खोखली विचारधारा से परेशान होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। कोसा वर्ष 2014 में बाल संघम के रूप में नक्सली संगठन में भर्ती हुआ था। बाद में उसे माओवादियों के उत्तर बस्तर संभाग में भेज दिया गया। पल्लव ने बताया कि वर्तमान में वह माओवादियों की मिलिट्री कंपनी में प्लाटून नंबर पांच में सक्रिय था। वह हाल ही में टेटम गांव में कोसा के परिजनों से मिले थे।
जहां उन्होंने उसके परिजनों से कोसा को नक्सली संगठन छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मनाने के लिए कहा था। मरकाम के खिलाफ वर्ष 2018 में नारायणपुर जिले के इरपानार गांव के करीब पुलिस दल पर हमले की घटना में शामिल होने और कांकेर जिले के परतापुर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल पर हमले की घटना में शामिल होने का आरोप है। इन दोनों घटनाओं में सुरक्षा बल के चार-चार जवान शहीद हो गए थे।
पल्लव ने बताया कि नक्सली संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण करने के कारण उसे प्रोत्साहन के रूप में 10 हजार रुपये दिए गए। इसके साथ ही उसे सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अनुसार अन्य सुविधाएं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद मरकाम द्वारा दी गई जानकारी के बाद जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों ने सोमवार को तेलम और तुमकपाल गांव के करीब पहाड़ी क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया। हालांकि, एक गश्ती दल की मौजूदगी को भांपते हुए, नक्सली घने जंगल में भाग गए। सुरक्षा बलों को वहां से चार बारूदी सुरंग, पांच डेटोनेटर, एक वॉकी टॉकी और नक्सली साहित्य बरामद हुआ है।