भिलाई शहर के सुपेला थाना पुलिस ने अटल आवास स्थित आशाराम बापू आश्रम मैदान के पास दबिश देकर नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ग्राहक का इंतजार कर रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस की टीम ने आरोपियों के पास से 1200 अल्प्राजोलम गोलियां, दो एयरगन और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
आरोपी क्षेत्र के लोगों में अपना खौफ कायम करने के लिए एयरगन का इस्तेमाल करते थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी करके सभी आरोपियों को पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों में साहिल शेख, योगेश साहू, अमन साहू, मयंक यादव, जानी यादव और समीर ठाकुर के अलावा एक अपचारी बालक शामिल है।
दूसरे राज्यों से जुड़े हैं तस्करी के तार
दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल ने बताया कि जांच में आरोपियों के दूसरे राज्यों से नशीली दवाएं लाकर भिलाई के अलग-अलग इलाकों में खपाने की बात सामने आई है। गिरोह के सदस्य खरीदी और बिक्री दोनों तरह के कामों में शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपी यह गोलियां किन लोगों से खरीदते थे और भिलाई में किन-किन स्थानों पर इनकी आपूर्ति करते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब्त आठ मोबाइल फोन इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन मोबाइल फोन के माध्यम से खरीदारों, सप्लायरों और दवा की बिक्री से जुड़े संपर्कों का विवरण जुटाया जा रहा है।
नाबालिग की मौजूदगी पर जताई चिंता
नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में कम उम्र के लड़के के शामिल होने से पुलिस प्रशासन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। कम उम्र के युवाओं तक इन दवाओं की पहुंच कैसे हो रही है, पुलिस इस पर भी गहन जांच कर रही है। अल्प्राजोलम मुख्य रूप से चिकित्सीय उपयोग में आने वाली दवा है, लेकिन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अपनी रिपोर्ट में इसके गलत इस्तेमाल और दुरुपयोग का उल्लेख किया है। इसका लंबे समय तक या गलत तरीके से सेवन करने से व्यक्ति पर निर्भरता की स्थिति बन जाती है।
मेडिकल दुकानों पर पुलिस चलाएगी अभियान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल ने बताया कि शहर में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस एक विशेष जांच अभियान चलाएगी। अभियान के तहत भिलाई की मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा और यह देखा जाएगा कि कहीं नियमों को दरकिनार करके प्रतिबंधित दवाएं तो नहीं बेची जा रही हैं। सुपेला पुलिस ने मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।