रायगढ़ में पिछले दो महीनों में 56 नए HIV मरीज मिलने के बाद संक्रमितों की संख्या 747 तक पहुंच गई है। 14 वर्ष तक की आयु के 16 बच्चे भी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। जांच में नशीले इंजेक्शनों के साझा इस्तेमाल को संक्रमण फैलने की बड़ी वजह माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एचआईवी संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दो महीनों के दौरान जिले में 56 नए संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है, जिसके बाद सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 747 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि नशीले इंजेक्शनों का एक से अधिक लोगों द्वारा उपयोग संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बन रहा है।
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जानकारी के अनुसार, हाल ही में नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने कुछ बच्चों को नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए पकड़ा था। बाद में उनकी काउंसलिंग और स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिसमें तीन बच्चे एचआईवी संक्रमित पाए गए। इसके बाद जिले में 14 वर्ष तक की आयु के एचआईवी संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में रायगढ़ जिले में एचआईवी संक्रमितों की संख्या 77 थी, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 125 तक पहुंच गई। वहीं वर्ष 2025 में 193 नए मामले सामने आए। वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में ही संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिसमें पहले 691 एक्टीव मरीज थे, लेकिन अप्रैल और मई माह 56 नए एचआईवी मरीज मिलने से यह संख्या अब 747 तक पहुंच चुकी है। युवा नशे के रूप में बुटरम इंजेक्शनों का साझा इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे संक्रमण तेजी से फैलना इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
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रायगढ़ जिले में हर साल आंकड़ा बढ़ते जा रहा है जो कि गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहा है। रायगढ़ जिले में एचआईवी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग स्लम बस्तियों के अलावा संवेदनशील इलाको की विशेष निगरानी करने की तैयारी कर रहा है। खासकर युवा वर्ग नशे के रूप में बुटरम इंजेक्शन का उपयोग कर रहा है जिससे यह संक्रणम बढ़ते जा रहा है।