छत्तीसगढ़ में बाढ़ के कहर ने चार बच्चों की जान ले ली। कोयलीबेड़ा के मिण्डी गांव में चार बच्चों की बीमारी से मौत हो गई, क्योंकि बाढ़ के कारण स्वास्थ्य अमला वहां तक पहुंच नहीं पाया।
छत्तीसगढ़ में बरसात ने जीना मुहाल कर दिया है। पिछले दो दिनों से सूबे में जो बारिश हो रही है, उसने चैन नहीं लेने दिया। बस्तर में तो यह कुछ ज्यादा ही बड़ी आफत के रूप में दिख रही है।
शुक्रवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची, तो हालात गंभीर थे। कई लोग बीमार थे। मेढकी नदी की बाढ़ के कारण वे वहां पहुंच नहीं पा रहे थे।
प्रशासन का दावा है कि अब सबकुछ सामान्य है। बीमार लोगों को दवाइयां दे दी गई हैं। कलेक्टर अलरमेल मंगई डी ने कहा कि मौतों की सूचना मिली है। जांच अधिकारी भेजा गया है। रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, रायगढ़ जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है।
बीजापुर में मकान ढहा, पति-पत्नी की मौत
बीजापुर में बारिश के चलते जिला मुख्यालय का सड़क संपर्क कट गया है। मिंगाचल नदी के पुल पर पानी 10 फीट ऊपर बह रहा था। पेद्दापारा में शनिवार की रात मकान ढहने से कुडिय़म मूरा और उसकी पत्नी कुडिय़म सुकली की मौत हो गई। तालपेयरू नदी, धनोरा नाला, गुमला नदी, बेरूदी नदी और पोंजेर नाले उफान पर होने के चलते आवागमन ठप है।