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नौकरी के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी: सिपाही, पत्नी और भाजपा नेता समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज

Fri, 02 Oct 2026 05:24 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छात्रावास अधीक्षक की नौकरी लगवाने के नाम पर स्कूल सफाई कर्मचारियों से करीब 14 लाख रुपये लेने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने जांच के बाद कांस्टेबल की पत्नी, कांस्टेबल, भाजपा नेता, अधिवक्ता और एक अन्य व्यक्ति समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरिया जिले के पुलिस ने स्कूल के एक सफाई कर्मचारी से छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। इस धोखाधड़ी में आईजी कार्यालय अंबिकापुर में पदस्थ एक कांस्टेबल, उसकी पत्नी, भाजपा नेता और एक अधिवक्ता समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। आमापारा स्कूल में कार्यरत सफाई कर्मचारी संतोष कुमार सारथी ने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
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झांसा देकर किश्तों में ऐंठे रुपये
शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में छात्रावास अधीक्षक के पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था। संतोष कुमार सारथी की पहचान कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा की पत्नी अनुराधा भगत से पहले से थी। अनुराधा भगत का मायका सरभोका में है और उसकी जमीन आमापारा में स्थित है। अनुराधा ने संतोष को 15 लाख रुपये में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने परीक्षा से पहले किश्तों में 12 लाख 30 हजार रुपये नकद ले लिए। इसके अलावा ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से अनुराधा के कहने पर कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा के खाते में 40 हजार रुपये और अनुराधा के पिता जोखन लाल के खाते में 20 हजार रुपये भेजे गए। आरोपी डॉ. प्रकाश अनंत के खाते में 40 हजार रुपये ऑनलाइन स्थानांतरित किए गए। इसके साथ ही अधिवक्ता आशीष तिवारी को 14 हजार रुपये भेजकर नकद राशि फोन पे के माध्यम से डॉ. प्रकाश कुमार अनंत के खाते में ट्रांसफर कराई गई।

होटल में मुलाकात और झूठा आश्वासन
संतोष कुमार सारथी को 5 जनवरी, 2025 को कटघोरा के एक होटल में आरोपी अनुराधा भगत और उसके पति कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा ने भाजपा नेता डॉ. प्रकाश अनंत से मिलवाया था। उस समय डॉ. प्रकाश अनंत ने संतोष की नियुक्ति कराने का आश्वासन दिया था। जब भर्ती परीक्षा का परिणाम आया और सूची में संतोष का नाम नहीं दिखा तो आरोपियों ने अलग से नियुक्ति कराने का नया झांसा दिया। डॉ. प्रकाश अनंत ने फोन पर दावा किया कि उसका नाम तीसरी सूची में आएगा। पीड़ित ने जब नौकरी न मिलने पर अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और हत्या करने की धमकी दी। पीड़ित ने यह राशि कई लोगों से कर्ज लेकर दी थी।
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जांच के बाद पांच पर प्राथमिकी दर्ज
पीड़ित की शिकायत पर कोरिया के पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पुलिस लाइन अंबिकापुर निवासी अनुराधा भगत (38 वर्ष) और उसके पति कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा (42 वर्ष), छत्तीसगढ़ भाजपा मजदूर संघ कार्यालय बिलासपुर के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रकाश अनंत, रायपुर निवासी अधिवक्ता आशीष तिवारी और सरभोका निवासी जोखन लाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
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