जिले के कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत जंगल के रास्ते झारखंड ले जाए जा रहे 14 गोवंशों को मुक्त करा एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस की घेराबंदी के दौरान दो आरोपी जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
जशपुर जिले के कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत जंगल के रास्ते झारखंड ले जाए जा रहे 14 गोवंशों को मुक्त करा एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस की घेराबंदी के दौरान दो आरोपी जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि फरार दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोवंश तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और 'ऑपरेशन शंखनाद' लगातार जारी रहेगा।
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पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग बोरोकोना जंगल के रास्ते ग्राम खरसोता स्थित पुलिया के पास से कई गोवंशों को मारपीट कर तेजी से झारखंड की ओर हांककर ले जा रहे हैं। पुलिस टीम तत्काल ग्राम खरसोता के लिए रवाना हुई। पुलिया के पास पुलिस को देखते ही तस्करों में भगदड़ मच गई और वे गोवंशों को छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर एक संदिग्ध को पकड़ लिया, जबकि दो अन्य आरोपी भाग निकले।
पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम जशपुर जिले के चौकी मनोरा क्षेत्र के ग्राम डड़गांव निवासी 28 वर्षीय प्रेम सुधार राम बताया। पुलिस ने मौके से बरामद सभी 14 गोवंशों की पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच कराई। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।