बलरामपुर रामानुजगंज जिले के छह विकासखंडों के टी-संवर्ग के 1104 और ई-संवर्ग के 76 कुल 1180 सहायक शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाचार्य प्राथमिक विद्यालय का पद पर नियुक्त किया गया था। नियुक्ति होने के बाद रुपये के लेनदेन का आरोप लगने व जनप्रतिनिधियों के द्वारा आवाज उठाने के बाद तात्कालिक कलेक्टर विजय दयाराम के ने नियुक्ति निरस्त कर दी थी। इसके बाद कुछ शिक्षक हाई कोर्ट की शरण में चले गए थे। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने 6-9 फरवरी तक ओपन काउंसलिंग जिला ग्रंथालय में आयोजित की गई है, जिसके बाद नियुक्ति की जाएगी।
गौरतलब है कि 14 अक्तूबर 2022 को को टी संवर्ग के 1104 और ई संवर्ग के 76 कुल 1180 सहायक शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पदोन्नति कर प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के पद पर नियुक्त किया गया था। तात्कालिक अधिकारियों के द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर व्यक्तिगत आदेश जारी कर दिए गए थे। पदस्थापना को लेकर पैसे के लेनदेन का भी आरोप शिक्षकों द्वारा लगाया गया था। यहां तक की जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी पैसे के लेनदेन की बात कहते हुए इसका विरोध किया गया था।
इसके बाद तात्कालिक कलेक्टर विजय दयाराम के द्वारा स्थापना निरस्त कर दिया गया था। कुछ शिक्षक पदस्थापन निरस्त होने के बाद उच्च न्यायालय की शरण में गए थे। उच्च न्यायालय के द्वारा काउंसलिंग कर पदस्थापना करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी विनोद राय के द्वारा बलरामपुर रामानुजगंज जिला अंतर्गत सहायक शिक्षक के प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति के बाद पदांकन जिला स्तरीय ओपन काउंसलिंग के माध्यम से 6-9 फरवरी जिला कार्यालय बलरामपुर में किए जाने के आदेश जारी किए हैं।
एक वर्ष बाद भी नहीं मिल पाया था पदोन्नति का लाभ
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के भ्रष्ट कार्य प्रणाली के कारण सहायक शिक्षकों का प्रधान पाठक के रूप में पदोन्नति तो हो गई, लेकिन कई शिक्षकों को पदोन्नति का वेतनमान नहीं मिल पा रहा था। परंतु अब काउंसलिंग के बाद पदस्थापना के बाद सभी को पदोन्नति का वेतनमान मिल पाएगा।
दूसरे चक्र का प्रमोशन रुका
शिक्षा विभाग के द्वारा यदि निष्पक्षता पूर्वक सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक के पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए सहायक शिक्षकों को ओपन काउंसलिंग कर पदांकन कर दिया जाता तो अब तक दूसरे चक्र का भी प्रमोशन एवं पदांकन हो जाता। समय से प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण सैकड़ो सहायक शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ समय पर नहीं मिल पाया।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिला प्रवक्ता प्रभाकर मुखर्जी ने कहा कि इस बार किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होगा। संघ निष्पक्ष पदस्थापना करवाने के लिए वचनबद्ध है। सभी शिक्षक साथियों से अनुरोध है कि किसी भी बहकावे में न आए।