छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा का गढ़ कहलाने वाले दंतेवाड़ा जिले में 10 नक्सलियों ने बृहस्पतिवार को अपने हथियार डाल दिए। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से एक बामन सोरी उर्फ दुर्गेश (28) के सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम है।
सुरक्षा बलों पर बड़े हमलों में शामिल रहा है बामन सोरी, माओवादी एरिया कमेटी में है दूसरे नंबर की हैसियत
दक्षिणी बस्तर में सक्रिय नक्सली कैडर के इन सदस्यों ने दंतेवाड़ा के कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया। एसपी अभिषेक के मुताबिक, वे सभी ‘खोखली माओवादी विचारधारा’ से निराश दिखाई दे रहे थे।
इन नक्सलियों ने यह भी स्वीकार किया कि जिला पुलिस की तरफ से चलाए गए लॉन वारेतू (अपने घर लौटो) अभियान के तहत अपने साथियों के हालिया आत्मसमर्पण ने भी उन्हें हिंसा छोड़कर हथियार डालने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को तत्काल 10-10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है और उन्हें सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एसपी ने कहा, बामन सोरी माओवादी गुट की गंगालूर एरिया कमेटी में नंबर-2 की हैसियत रखता है और बेहद खतरनाक नक्सली माना जाता है। वह पड़ोस के बीजापुर जिले में दर्जनों हमलों में शामिल रहा है। इनमें 2007 में पामुलवाया हमला भी शामिल है, जिसमें सुरक्षा बल के छह जवान शहीद हो गए थे।
इसके अलावा 2008 के ताडकेल हमले में भी सोरी ने शिरकत की थी। इस हमले में भी छह पुलिसकर्मी मारे गए थे। बामन सोरी का हाथ गंगालूर एरिया में पिछले कुछ महीने के दौरान 14 आम नागरिकों की हत्या में भी रहा है।
वायुसेना के हेलिकॉप्टर पर गोलियां बरसाने वाला भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में शामिल मिलिशिया प्लाटून कमांडर नंदराम सोरी (25) के सिर पर एक लाख रुपये का इनाम है। उस पर 2008 में गंगालूर एरिया में भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर पर फायरिंग करने का आरोप है, जिसमें एक फ्लाइट इंजीनियर शहीद हो गया था।
इसके अलावा अप्रैल 2019 में आईईडी विस्फोट के जरिये एक भाजपा विधायक और तीन जवानों की हत्या करने वाले भीमा मांडवी (20) ने भी आत्मसमर्पण किया है। एक अन्य एक लाख रुपये के इनामी मंगू पोदियम (35) ने भी हथियार डाल दिए हैं। मंगू केतकल्याण एरिया कमेटी में मिलिशिया कमांडर की हैसियत रखता है।