फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छत्तीसगढ़: दो साल में 1.17 लाख राशन कार्ड निरस्त, गांवों में तेज हुआ सत्यापन अभियान

Tue, 13 Oct 2026 01:58 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

राशन कार्डों की पात्रता जांच तेज हो गई है। पिछले दो वर्षों में 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त किए गए। अब ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट के आधार पर अपात्र परिवारों की पहचान होगी। जानिए जांच के नियम और पूरी खबर।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों की पात्रता जांचने के लिए सर्वे अभियान तेज कर दिया गया है। खाद्य विभाग खासतौर पर गांवों में गरीबी रेखा श्रेणी के राशन कार्डों का सत्यापन कर रहा है। जांच प्रक्रिया के तहत पिछले दो वर्षों में राज्य के कुल एक लाख 17 हजार 867 राशन कार्डों को निरस्त किया जा चुका है। निरस्त हुए कार्डों में वर्ष 2024 के 57,371 और वर्ष 2025 के 60,496 राशन कार्ड शामिल हैं। विभाग अब ऐसे परिवारों की जानकारी जुटा रहा है, जिनके नाम गरीबी रेखा की सूची में दर्ज हैं, लेकिन परिवार के सदस्य सरकारी या निजी नौकरी कर रहे हैं अथवा उनकी आय के अन्य साधन विकसित हो चुके हैं। जांच में अपात्र पाए जाने वाले परिवारों के राशन कार्ड रद्द किए जा सकते हैं।
विज्ञापन


पंचायतों को सौंपी जिम्मेदारी
सर्वे के तहत ग्राम पंचायतों के सचिवों और सरपंचों को संबंधित परिवारों की संपूर्ण जानकारी जुटाने और जांच रिपोर्ट तैयार कर खाद्य विभाग को सौंपने की मुख्य जिम्मेदारी दी गई है। पंचायतों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर विभाग इस बात का गहन परीक्षण करेगा कि संबंधित परिवार गरीबी रेखा श्रेणी के राशन कार्ड के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं। विशेष रूप से उन परिवारों की आर्थिक स्थिति की पड़ताल की जा रही है, जिनके सदस्यों को नौकरी मिलने या आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होने के बाद भी राशन कार्ड के माध्यम से खाद्यान्न का लाभ प्राप्त हो रहा है।

नियमों के अनुसार जांच
ग्राम पंचायतों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य विभाग राशन कार्डों की पात्रता की विस्तृत जांच करेगा। इस जांच के दौरान जो परिवार अपात्र पाए जाएंगे, उनके नाम राशन कार्ड सूची से हटाए जा सकते हैं। हालांकि विभाग ने यह भी साफ किया है कि परिवार में किसी सदस्य के नौकरीपेशा होने मात्र से ही उस परिवार को स्वतः अपात्र नहीं माना जाएगा। पात्रता का अंतिम निर्धारण सरकार द्वारा लागू नियमों और पूर्व निर्धारित शर्तों के आधार पर ही किया जाएगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के ई-पॉस पोर्टल पर सितंबर 2026 के वितरण आंकड़ों के अनुसार कुल 83,31,947 राशन कार्ड दर्ज हैं।
विज्ञापन


जरूरतमंदों तक पहुंचेगी मदद
राशन कार्डों के इस बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान का मूल उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ वास्तविक और पात्र जरूरतमंदों तक पहुंचाना है। इससे अपात्र लोगों द्वारा उठाए जा रहे अनुचित लाभ पर प्रभावी रोक लग सकेगी। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच व्यवस्था से पात्र और अपात्र परिवारों की सही पहचान करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही खाद्य विभाग यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि दस्तावेज या तकनीकी जानकारी में त्रुटि के कारण किसी भी वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवार का नाम राशन सूची से बाहर न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें