जगन्नाथ पुरी की यात्रा पर जाने की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा से साइबर ठगों ने ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर 90,249 रुपये ठग लिए। ठगों ने युवती को रिफंड का झांसा देकर छह बार में अलग-अलग रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवाई। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने रायपुर जिले के गोबरा नवापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर रोड निवासी तोषिबा सिन्हा ने बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की है। वह ओडिशा स्थित जगन्नाथ पुरी के दर्शन के लिए जाने वाली थीं। उन्होंने 7 अक्तूबर को इंटरनेट पर ठहरने के लिए स्थान की तलाश आरंभ की। खोज के दौरान उन्हें 'एसकेएस बीच होटल स्पा' नाम की एक वेबसाइट मिली। पीड़िता ने वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क साधा। बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति ने दो दिनों के कमरे का किराया 14,000 रुपये निर्धारित किया और कमरे की बुकिंग पक्की करने के लिए 50 प्रतिशत यानी 7,000 रुपये की राशि क्यूआर कोड के माध्यम से भेजने को कहा।
फर्जी वेबसाइट से बिछाया जाल
छात्रा ने बताए गए क्यूआर कोड पर तुरंत 7,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए और कमरा आरक्षित होने की रसीद मांगी। इस पर जालसाज ने प्रणाली में तकनीकी खराबी आने की बात कही। उसने दावा किया कि पहले भेजा गया पैसा वापस किया जा रहा है, इसलिए बुकिंग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पुनः भुगतान करना होगा। पीड़िता अपनी भेजी हुई राशि वापस पाने की उम्मीद में ठग की बातों में आती चली गई।
तकनीकी खराबी का दिया झांसा
जालसाज ने कभी सर्वर फेल होने तो कभी एरर आने का बहाना बनाकर कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए। इस दौरान छात्रा से 7,049 रुपये, दो बार 14,049 रुपये, फिर 28,099 रुपये और अंत में 19,999 रुपये ले लिए गए। कुल छह बार के वित्तीय लेन-देन में छात्रा के बैंक खाते से 90,249 रुपये कट गए। इसके बावजूद न तो होटल का कमरा बुक हुआ और न ही रकम वापस मिली।
पुलिस ने शुरू की जांच
जब पीड़िता ने संबंधित नंबर पर दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, तो मोबाइल नंबर बंद मिला। इसके बाद छात्रा ने गोबरा नवापारा थाने में शिकायत सौंपी। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर के धारक के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों और मोबाइल नंबर के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। ऑनलाइन बुकिंग करते समय हमेशा आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क नंबर की पुष्टि जरूर करें तथा अनजान क्यूआर कोड पर पैसे भेजने से बचें।