संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के दशमेश ऑडिटोरियम में वीरवार को पंजाब के प्रसिद्ध नृत्य भंगड़े से जोनल यूथ फेस्टिवल की शुरुआत हुई। कलाकारों ने स्टेज पर भंगड़ा डालना शुरू किया तो पूरा हाल थिरकने लगा। हाल में मौजूद स्टूडेंट्स अपनी-अपनी कुर्सियों पर खड़े हो गए और कलाकारों का हौसला बढ़ाते खुद भी भंगड़ा डालने लगे।
पूरे हाल में एक अलग ही जोश देखने को मिल रहा था। तीन दिवसीय यूथ फेस्टिवल का उद्घाटन जीएनडीयू के रजिस्ट्रार प्रो. केएस चहल ने किया। यूथ वेलफेयर विभाग के प्रभारी प्रो. डॉ. अमनदीप सिंह ने आए मेहमानों का स्वागत किया और फेस्टिवल के कार्यक्रमों की जानकारी दी। अपने संबोधन में प्रो. चहल ने स्टूडेंट्स को प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यूथ फेस्टिवल स्टूडेंट्स जीवन का एक अहम हिस्सा है। इसके जरिये स्टूडेंट्स केवल अपनी प्रतिभा ही नहीं दिखाते है। बल्कि इससे उनका मानसिक विकास भी होता है जो उन्हें भविष्य में अपने कॅरिअर के प्रति गंभीरता से विचार करने और अहम फैसले लेने में मददगार साबित होता है। पहले दिन दशमेश ऑडिटोरियम में भांगड़ा, शास्त्रीय नृत्य, वेस्टर्न वोकल सोलो और शास्त्रीय वाद्य यंत्रों की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, जबकि गोल्डन जुबली कन्वेंशन सेंटर में शास्त्रीय वाद्य यंत्र, शास्त्रीय गायन और लोक ऑर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियां हुई। इस मौके पर डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. परमबीर सिंह माली, डॉ. गुरप्रीत सिंह, डॉ. अमनप्रीत कौर, डॉ. हरिंदर कौर सोहल और टीम के अन्य सदस्य उपस्थित थे।