नाबालिग से दुष्कर्म मामले में हरियाणा के अंबाला की एक विशेष अदालत ने दोषी को सात सात की सजा और दो हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न भुगतने की दशा में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी इस घटना के बाद नाबालिग छात्रा से शादी कर चुका था और उनका एक बच्चा भी है। कोर्ट में छात्रा भी अपने बयान से मुकर गई।
मगर कोर्ट ने डीएनए जांच का सहारा लिया और उसमें दोनों के बीच संबंध पाए गए। कोर्ट ने यह माना कि भले ही दोषी ने पीड़िता से शादी कर ली है मगर फिर भी जिस समय पीड़िता के साथ दुष्कर्म हुआ उस समय वह नाबालिग थी। ऐसे में इसी बात को आधार बनाते हुए कोर्ट ने सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
वर्ष 2019 में पीड़िता के साथ हुआ था गलत काम
अंबाला शहर के एक व्यक्ति ने वर्ष 2019 में महिला थाने में शिकायत दी थी कि एक दिन वह काम से लौटा तो घर पर उसकी नाबालिग बेटी नहीं थी। पत्नी से पूछा तो उन्होंने बताया कि ट्यूशन से अभी तक लौटी नहीं है। इसके बाद जब पिता ने ट्यूशन में जाकर टीचर से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह आई ही नहीं है। ऐसे में उन्हें शक हुआ कि कहीं आरोपी उसकी बेटी को घर लेकर गया होगा। इसके बाद पिता आरोपी के घर पहुंचा तो वहां पर दोनों कपड़ा संभाल रहे थे। वहां दुष्कर्म होने के सुबूत भी मिले थे। ऐसे में पिता ने महिला थाने में शिकायत दे दी। इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की थी।