चंडीगढ़। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में 25 साल के युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी के खिलाफ 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दर्ज मामले के मुताबिक दुष्कर्म पीड़िता के गर्भवती होने पर उसका गर्भपात करवा दिया गया था लेकिन डीएनए रिपोर्ट अहम सबूत साबित हुई। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील के बाद जमानत की शर्त के मुताबिक पीड़िता के बालिग होते ही आरोपी ने उससे शादी कर ली थी। उनका एक दो साल का बच्चा भी है। वहीं, पीड़िता पुलिस को दिए अपने बयानों से अदालत में मुकर भी गई थी। हालांकि, साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर आरोपी का दोष साबित हुआ। इस मामले में दोषी को सजा सुनाए जाने पर अदालत परिसर में पीड़िता (अब दोषी की पत्नी) अपने बच्चे को गोद में पकड़े बिलखती दिखी।
यह था मामला...मई 2019 में सेक्टर-19 थाने में अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। पीड़िता शहर की एक कॉलोनी में रहती थी। घटना के दिन वह अपने भाई के साथ सुबह 7.30 बजे स्कूल गई थी मगर वापस नहीं आई। परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए आरोपी पर शक जताया था। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था। पीड़िता के मेडिकल में उसके गर्भवती होने की बात भी सामने आई थी।