जीएमएसएच 16 में धरना देते मृतक के परिजन।
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चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 में वीरवार दोपहर एक मरीज की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की जिससे मरीज की मौत हो गई। डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग करते हुए परिजन अस्पताल में ही धरने पर बैठ गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें शांत कराकर घर भेजा।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि उनके मरीज की स्थिति खराब होने के बावजूद अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने उसे देखने की जहमत नहीं उठाई और जूनियर डॉक्टरों के भरोसे इलाज चलता रहा। इस कारण उसकी मौत हो गई जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को टीबी की बीमारी थी और उसकी स्थिति पहले से ही बेहद गंभीर थी। अस्पताल के कई वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। परिजनों की मांग पर अस्पताल प्रशासन ने वरिष्ठ चिकित्सकों की एक जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी 3 दिनों में सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन को सौंपेगी। मृतक का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा।
सेक्टर-56 निवासी 20 वर्षीय हरीश को डेढ़ साल से टीबी की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था। बुधवार सुबह हाथ पैर में ऐंठन होने पर उसे गंभीर स्थिति में जीएमएसएच-16 की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उसके बड़े भाई सतीश ने बताया कि हरीश को केवल जूनियर डॉक्टर ही देख रहे थे। वीरवार सुबह उसने आंखों से न दिखाई देने और बेचैनी की शिकायत की। इसकी सूचना देने पर जूनियर डॉक्टरों ने आकर चेक किया। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक बारी-बारी से जूनियर डॉक्टर ही आकर उसे चेक करते रहे। कोई भी सीनियर डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। अचानक दोपहर 1:30 बजे डॉक्टरों ने हरीश को मृत घोषित कर दिया। सतीश ने बताया कि इस संबंध में एफआईआर करवाने का प्रयास किया गया तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बजाय शुक्रवार को सेक्टर-17 के थाने पर आने का आदेश दे दिया।
कोट
युवक टीवी का मरीज था और उसे बहुत गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां तक डॉक्टरों की लापरवाही की बात है तो कई सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। फिर भी परिजनों की मांग को देखते हुए हमने एक जांच कमेटी गठित कर दी है। जो सभी पहलुओं पर जांच कर तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।
- डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमएसएच 16