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आवारा सांड़ों की लड़ाई में युवक ने जान गंवाई

Thu, 06 Aug 2015 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, रतिया(हरियाणा)
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। आवारा सांड़ों की लड़ाई में बुधवार की रात एक और व्यक्ति को जान गंवानी पड़ी। इस हादसे के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। रात में अनाजमंडी रोड पर वाटर वर्क्स के सामने आवारा घूम रहे दो सांड़ों ने आपस में लड़ते हुए एक बाइक सवार को टक्कर मार दी।
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जिससे बाइक चालक प्रकाश चंद गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रकाश चंद को घायल अवस्था में पहले निजी अस्पताल, फिर अग्रोहा ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक रतिया में हलवाई का काम करता था।

पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयानों पर कार्यवाही करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार प्रकाश चंद बुधवार रात्रि को काम करके मॉडल टाउन के समीप अपने घर जा रहा था। मंडी रोड स्थित वाटर वर्क्स के सामने दर्जनों आवारा पशु घूम रहे थे।
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इतने में दो सांड़ लड़ते हुए आए और मोटर साइकिल पर जा रहे प्रकाश चंद को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से प्रकाश चंद सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल प्रकाश चंद को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया।

जहां से प्रकाश की गंभीर हालत के चलते उसे अग्रोहा के अस्पताल में रेफर कर दिया गया, लेकिन वहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की चार लड़कियां व बेटे सहित पांच बच्चे हैं।

पूरे जिले में हो चुके हैं कई हादसे: आवारा सांड़ों की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। जिले में अब तक कई हादसे हो चुके हैं जिसमें आवारा सांड़ों के कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। पिछले दिनों गीता कॉलोनी निवासी नंद लाल की मौत भी आवारा सांड़ द्वारा सींग मारने से हुई थी।

अभी दो-तीन दिन पहले फतेहाबाद में भी मताना गांव निवासी युवक की मौत आवारा सांड द्वारा बाइक को टक्कर मारने से हुई थी। इसके अलावा टोहाना में आए दिन सांड़ों के कारण हादसे हो रहे हैं। वहीं टोहाना में कुछ दिनों पहले साड़ों ने दो लोगों की जान ले ली थी।

अमर उजाला ने चेताया था प्रशासन को: अमर उजाला ने 27 जुलाई के अंक में आवारा सांड़ों की समस्या को प्रमुखता से छापते हुए साफ तौर पर बताया था कि आवारा सांड़ रात होते ही मौत का रूप धर लेते हैं। इसके बावजूद सिवाए बैठकों के , अभी तक प्रशासन ने कुछ खास नहीं किया है। अगर समय रहते प्रशासन ने इस समस्या को सुलझा लिया होता तो शायद कुछ जानें बचाई जा सकती थी।
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