चंडीगढ़। सुखना लेक में शुक्रवार शाम बोटिंग कर रहे 27 वर्षीय युवक ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने लाइफ जैकेट उतार दी थी। मौके पर मौजूद गोताखोरों ने उसे पानी में तलाशने की पूरी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस व एनडीआरएफ की टीमें भी रात तक युवक को नहीं ढूंढ पाईं तो सेना की मदद ली गई। सेना के गोताखोरों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद शनिवार सुबह युवक को झील से बाहर निकाला। उसे जीएमएसएच-16 ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान साहनेवाल (पंजाब) के नीरज भाटिया के रूप में हुई है। नीरज शादीशुदा था और उसकी एक बेटी है।
सेक्टर-3 थाना प्रभारी सुखद्वीप सिंह ने बताया कि नीरज का घर में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह शुक्रवार शाम करीब छह बजे सुखना लेक पर पहुंचा और बोटिंग के लिए एक नाव ली। नाव में उसके साथ और व्यक्ति बैठा था। वह भी बोटिंग के लिए सुखना आया था। नाव जब झील के बीच में पहुंची तो नीरज ने जैकेट उतारकर झील में छलांग लगा दी। यह देख साथ बैठे व्यक्ति ने शोर मचाया। बोटिंग कर रहे अन्य लोगों ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया। सूचना पाकर सेक्टर-3 थाना पुलिस और लेक चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सुबह छह बजे पहुंचे वेस्टर्न कमांड के जवान
सिविल मिलिट्री अफेयर्स के डायरेक्टर कर्नल जसदीप संधू ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस की ओर से शुक्रवार रात करीब 10 बजे वेस्टर्न कमांड को गोताखोर भेजने की मांग की गई। पुलिस ने बताया कि एक युवक झील में कूद गया है और वह मिल नहीं रहा। रातोंरात वेस्टर्न कमांड की विशेष फोर्स यूनिट तैयार कर मौके पर भेजी। सुबह छह बजे टीम सुखना लेक पहुंची। कर्नल जसदीप सिंह संधू ने पहले पुलिस के साथ लेक का मुआयना किया। इसके बाद घटना वाली जगह को कवर किया गया। युवक को निकालने के लिए 5-5 के ग्रुप में गोताखोरों की टीम झील में कूदी और उसे ढूंढकर पानी से बाहर निकाला।
पुलिस व एनडीआरएफ टीम ने नाव से किया सर्च
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस व एनडीआरएफ की टीमों ने रात 9 बजे तक झील में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान लगभग दस नावों को मौके पर तेजी से गोल-गोल घुमाया गया ताकि युवक का शव पानी में उतरा जाए लेकिन वह नीचे गाद में फंस गया था। इस कारण उसका शव ऊपर आया नहीं आ सका। उसके बाद लगभग रात 10 बजे सेना को सूचना दी गई।
बीते दो मार्च को मनीमाजरा के युवक ने झील में कूदकर दी थी जान
बीते दो मार्च को मनीमाजरा के गौतम ने रात करीब साढ़े 9 बजे झील में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। रात को लेक पर सैर कर रहे एक व्यक्ति ने लेक चौकी में जाकर बताया कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि कोई झील में कूदा है। लेक चौकी ने कंट्रोल रूम पर कॉल की। पीसीआर और लेक चौकी पुलिस लाइट लेकर गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन शव अपने आप पानी में उतराने लगा तब उसे बाहर निकाला गया।
लेक पर एक लाइफ गार्ड और गोताखोर रहते हैं तैनात
पुलिस ने बताया कि सिटको की तरफ यहां निजी कंपनी को ठेका दिया गया है। ठेकेदार को एक लाइफ गार्ड व गोताखोर को तैनात करना होता है। यह टीम लेक पर सैर करने वाले लोगों पर नजर रखती है। हालांकि यह पहली बार है जब कोई ऐसे नाव से कूदा है इसलिए गोताखोरों को भी कुछ समझ नहीं आया, वह जब तक मौके पर पहुंचते युवक नीचे जा चुका था। सूत्रों की मानें तो घटना के बाद इन्हें सूचना देकर बुलाया गया था।