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Chandigarh: घर बैठे जांचें सोना असली है या नकली, शिकायत भी करें ऑनलाइन, BIS ने बनाया मोबाइल एप

Tue, 09 Jan 2024 02:03 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सरकार के नियमों के अनुसार 450 से अधिक उत्पाद ऐसे हैं, जिनके निर्माण, आयात या विक्रय के लिए बीआईएस मानक चिह्न अनिवार्य है। लोगों को चिह्न देखने के बाद ही सामान को खरीदना चाहिए। अगर कोई सामान नकली है तो इसकी शिकायत एप के माध्यम से ही की जा सकती है।
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विस्तार
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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने विभिन्न उत्पादों की शुद्धता को जानने के लिए बीआईएस केयर मोबाइल एप बनाया है। इसके माध्यम से घर बैठे लोग असली और नकली सोने की पहचान कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स प्रमाणित है या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है। कोई सामान नकली मिलता है तो इसके लिए शिकायत भी ऑनलाइन ही की जा सकती है।
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मानक ब्यूरो के उत्तरी क्षेत्र के डिप्टी डायरेक्टर जनरल राजीव पी ने (वैज्ञानिक-जी) बीआईएस केयर मोबाइल एप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) के मोबाइल एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इंस्टॉल करने के बाद बड़ी आसानी से उत्पाद की गुणवत्ता के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। 

उन्होंने बताया कि सरकार के नियमों के अनुसार 450 से अधिक उत्पाद ऐसे हैं, जिनके निर्माण, आयात या विक्रय के लिए बीआईएस मानक चिह्न अनिवार्य है। लोगों को चिह्न देखने के बाद ही सामान को खरीदना चाहिए। अगर कोई सामान नकली है तो इसकी शिकायत एप के माध्यम से ही की जा सकती है। ब्यूरो 30 दिन में शिकायतों का निपटारा करने की कोशिश करता है। 
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बीआईएस एक्ट का उल्लंघन करने पर विभिन्न धाराओं में एक से दो वर्ष कारावास या दो लाख रुपये तक का जुर्माना दोषी पर किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बीआईएस केयर एप के जरिए लोग देश के किसी भी भारतीय मानक, लाइसेंस और लैब की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको 'नो योर स्टैंडर्ड' सेक्शन में जाना होगा।

सोना खरा है या नहीं, ऐसे पहचानें
व्यक्ति की पहचान के लिए देश में जैसे आधार कार्ड बने हुए हैं, उसी तरह ज्वेलरी की पहचान के लिए हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर होता है। एचयूआईडी नंबर छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड है, जिसमें संख्या और अक्षर होते हैं, जिसे ज्वेलर्स की तरफ से दिया जाता है। 

बीआईएस केयर एप में 'वेरिफाई एचयूआईडी' पर क्लिक कर ज्वेलरी का एचयूआईडी नंबर डालकर आप अपने हॉलमार्क वाली ज्वेलरी की शुद्धता का पता लगा सकते हैं। एप के 'वेरिफाई लाइसेंस डिटेल' सेक्शन में जाकर ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की जांच भी कर सकते हैं। राजीव पी ने बताया कि हर महीने एक करोड़ उत्पादों को हॉलमार्क दिया जाता है। अब तक 33 करोड़ आइटम्स को हॉलमार्क किया जा चुका है।

इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता ऐसे पहचानें
बीआईएस केयर एप की मदद से इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के असली या नकली होने का पता लगाया जा सकता है। उत्पादों पर आर-नंबर होता है, जिसे प्रोडक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर कहा जाता है। मोबाइल एप पर 'वेरिफाई आर नंबर अंडर सीआरएस' सेक्शन में जाना होगा और रजिस्ट्रेशन नंबर को डालने के बाद उसकी जांच की जा सकती है।

शिकायत करने के लिए करना होगा पंजीकरण
जांच के बाद अगर सोने की शुद्धता या उत्पादों के असली-नकली होने पर संदेह है तो एप की मदद से शिकायत भी की जा सकती है। इसके लिए 'कंप्लेंट्स' सेक्शन में जाना होगा। शिकायत दर्ज कराने के लिए 'न्यू यूजर रजिस्ट्रेशन' पर क्लिक कर नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी देनी होगी। दिए गए मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे जमा करते ही अकाउंट बन जाएगा। इसके बाद आईएसआई मार्क का दुरुपयोग, हॉलमार्क का दुरुपयोग, रजिस्ट्रेशन मार्क का दुरुपयोग, खराब गुणवत्ता, भ्रामक विज्ञापन व अन्य की शिकायत की जा सकती है। शिकायत से संबंधित सभी जानकारियां भी देनी होंगी।
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चंडीगढ़ में यहां की जा सकती है शिकायत
भारतीय मानक ब्यूरो, उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय, प्लॉट नंबर-4ए, सेक्टर-27बी चंडीगढ़
नंबरः 0172-2650206, 2650290

ईमेलः nro@bis.gov.in, hallmarking@bis.org.in
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