इस दौरान दादियों ने अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि वह किस प्रकार घर-घर जाकर लोहड़ी मांगती थीं। दादियों में उषा और सुनीता सहित कईयों ने कहा कि पहले तो बेटों की लोहड़ी मनाते थे। अब समय बदल गया। वे अपने पुराने समय की बातें भी सुनाई। लोहड़ी मांगने जाते लोग खूब खुश होते थे।
मंच की प्रधान नीना तिवारी ने कहा कि सभी बुजुर्ग महिलाओं में बड़ा उत्साह देखने को मिला। हर वर्ष अलग अंदाज में लोहड़ी मनाई जाती है। पिछले वर्ष नानी और दादी की लोहड़ी मनाई थी। इस बार दादी-पोती की लोहड़ी मनाई गई। नारी जागृति मंच ने आए सभी दादी और पोती को उपहार प्रदान किया।
मौके पर मंच की पदाधिकारियों में पाल शर्मा, उषा सिंगला, कुमुद, अलका जोशी, सरला, सुदर्शन शर्मा, सुनीता आनंद, दीप्ति, कृष्णा, उर्मिल, राज कालिया, कमलेश, कंचन, गायत्री, सुशीला सहित बड़ी संख्या में महिलाएं साथ रहीं।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ