योगेश्वर दत्त- भाजपा
मजबूत पक्ष
- अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के साथ ही सेलिब्रिटी
- भाजपा की लहर का फायदा
- तीन मुख्य विपक्षी पार्टियों के प्रत्याशियों का जाट होना
कमजोर पक्ष
- राजनीति की समझ नहीं होना
- खिलाड़ी होने के कारण क्षेत्र में कम रहना
- भाजपा से टिकट के दावेदार काफी होने से भितरघात
श्रीकृष्ण हुड्डा - कांग्रेस
मजबूत पक्ष
- पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ होने का फायदा
- 10 साल से विधायक होने से मजबूत पकड़
- भाजपा में भितरघात
कमजोर पक्ष
- दूसरे जिले का होने का नुकसान
- कांग्रेस, इनेलो व जजपा से जाट प्रत्याशी होने का नुकसान
- 10 साल विधायक होने के बावजूद क्षेत्र में समस्याएं
मुख्य मुद्दों में पेयजल की समस्या सबसे ज्यादा है। विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर गांवों में लोगों को पेयजल के लिए जूझना पड़ता है और खेतों से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ती है। इस समस्या का अभी तक कोई भी सरकार समाधान नहीं कर सकी। क्षेत्र में कोई भी कॉलेज नहीं है, जिससे युवक व युवतियों को कक्षा 12वीं के बाद पढ़ाई करने के लिए कई किलोमीटर दूर गोहाना आना पड़ता है। जिसके लिए परिवहन व्यवस्था भी सही नहीं है। क्षेत्र में कोई उद्योग नहीं होने के कारण रोजगार की बड़ी समस्या है।
वोटों का गणित
बरोदा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 76 हजार 158 वोटर है, जिनमें 96804 पुरुष और 79354 महिला वोटर है। इस सीट पर सबसे ज्यादा लगभग 50 प्रतिशत जाट वोटर हैं तो अन्य में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, ब्राह्मण आदि शामिल है।