फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आप की हरियाणा इकाई में भी बगावत के सुर, प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद के खिलाफ खोला मोर्चा

Fri, 26 Jul 2019 01:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
नवीन जयहिंद - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

आम आदमी पार्टी ने हरियाणा के दो पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। अंबाला लोकसभा अध्यक्ष योगेश्वर शर्मा और सोनीपत लोकसभा संगठन मंत्री अनिल तुषीर को पार्टी ने तत्काल प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। दोनों पर अनुशासनहीनता का आरोप है। प्रदेश सह संगठन मंत्री अजय गौतम ने इसकी पुष्टि की है। 

विज्ञापन


उनकी ओर से जारी पत्र अनुसार दोनों पदाधिकारी पिछले कई महीनों से संगठन को कमजोर करने का काम कर रहे थे। अनिल को पहले भी निष्कासित किया गया थे लेकिन भविष्य में गलती न करने के आश्वासन पर पार्टी ने बहाल कर दिया था। लेकिन, गुरुवार को योगेश्वर और अनिल ने पार्टी के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस कर फिर खुली बगावत की है। इसलिए दोनों को तुरंत प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। 

विज्ञापन

गुरुवार को दिन में अंबाला लोकसभा अध्यक्ष योगेश्वर शर्मा, रोहतक लोकसभा अध्यक्ष पंकज बेनिवाल, प्रदेश प्रवक्ता आरएम राठी, राज्य कार्यकारिणी सदस्य विवेक लांबा, गुरुग्राम लोकसभा अध्यक्ष मंजीत जैलदार, भिवानी लोकसभा अध्यक्ष जनरल रणवीर यादव, भिवानी जिला अध्यक्ष पवन हिंदुस्तानी, पंचकूला संगठन मंत्री सुरेंद्र राठी, अंबाला लोकसभा एससी सेल विकास चौधरी, सोनीपत लोकसभा संगठन मंत्री अनिल तुषीर, पंचकूला विधानसभा अध्यक्ष सुशील मेहता, नलवा विधानसभा अध्यक्ष अनु सूरा, हरियाणा मीडिया प्रभारी टीम रिषभ मल्होत्रा, यमुनानगर जिला उपाध्यक्ष रजनीश बक्शी, हल्का अध्यक्ष गोहाना सुनील कुमार इत्यादि ने पत्रकार वार्ता कर प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद के खिलाफ मोर्चा खोला था। 

हाईकमान से नाराजगी नहीं, जयहिंद को हटाओ
आप नेताओं ने कहा कि उनकी नाराजगी न तो पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से है, और न ही हरियाणा मामलों के प्रभारी गोपाल राय व सहप्रभारी सुशील गुप्ता से है। उनकी नाराजगी केवल और केवल नवीन जयहिंद से है। इन नेताओं आरोप लगाया कि नवीन जयहिंद के दुर्रव्यवहार करने के चलते वे नाराज हैं। इनका कहना है कि नवीन जयहिंद की भाषा अमर्यादित रहती है। उनमें पहले दिन से ही नेतृतव की कमी रही है। वह संगठन को मजबूत करने की बजाये खुद को ही मजबूत करने में लगे रहे। पार्टी उनको हटाकर नए अध्यक्ष का चुनाव कराए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें